सावन के आखिरी सोमवार पर ओंकारेश्वर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़: ममलेश्वर महादेव के दर्शन के लिए भी भक्तों को किया जा रहा प्रेरित
सावन महीने के आखिरी सोमवार पर मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। देशभर से बड़ी संख्या में भक्त भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए ओंकारेश्वर पहुंच रहे हैं।
श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। वहीं, यहां आने वाले भक्तों को पुजारी और दुकानदार ममलेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन करने की सलाह भी दे रहे हैं।
ओंकारेश्वर के साथ ममलेश्वर दर्शन की परंपरा
मान्यता है कि ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के साथ ममलेश्वर महादेव के दर्शन करना भी धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। स्थानीय पुजारी और दुकानदार श्रद्धालुओं को बताते हैं कि दोनों मंदिरों के दर्शन करने से यात्रा पूर्ण मानी जाती है।
कई श्रद्धालु ओंकारेश्वर मंदिर में दर्शन के बाद नर्मदा नदी पार कर ममलेश्वर महादेव मंदिर भी पहुंच रहे हैं।
सावन के आखिरी सोमवार पर विशेष उत्साह
सावन के अंतिम सोमवार को भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। इसी कारण सुबह से ही मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
श्रद्धालु हर-हर महादेव के जयकारों के साथ मंदिर पहुंच रहे हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
प्रशासन ने की विशेष व्यवस्था
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए हैं। भीड़ नियंत्रण, पार्किंग, पेयजल और अन्य सुविधाओं पर ध्यान दिया जा रहा है।
पुलिस बल भी तैनात किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन में किसी तरह की परेशानी न हो।
धार्मिक आस्था का केंद्र है ओंकारेश्वर
नर्मदा नदी के किनारे स्थित ओंकारेश्वर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है। सावन के महीने में यहां भक्तों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है।
अंतिम सोमवार के अवसर पर सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का उत्साह देखने को मिल रहा है। श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन कर सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की कामना कर रहे हैं।