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नागपंचमी पर खुले नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट, भक्तों का पहुंचना शुरू; 24 घंटे होंगे दर्शन

 

उज्जैन स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट नागपंचमी के पावन अवसर पर खोल दिए गए हैं। सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी का संयोग होने से इस बार मंदिर में श्रद्धालुओं की खास आस्था देखने को मिल रही है। पट खुलते ही बड़ी संख्या में भक्त भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन और पूजन के लिए पहुंचने लगे।

नागचंद्रेश्वर मंदिर की विशेष मान्यता है। यह मंदिर महाकालेश्वर मंदिर परिसर में स्थित है और वर्ष में केवल एक बार नागपंचमी के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है। इसी वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों से भक्त यहां दर्शन करने पहुंचते हैं।

नागपंचमी के अवसर पर भगवान नागचंद्रेश्वर का विशेष पूजन और अभिषेक किया जाता है। श्रद्धालु भगवान को दूध, जल, फूल और बेलपत्र अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। मंदिर परिसर में हर-हर महादेव और जय नागचंद्रेश्वर के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया।

इस बार नागपंचमी के साथ सावन के तीसरे सोमवार का संयोग होने के कारण उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। महाकालेश्वर मंदिर में भी सुबह से ही भक्तों की भीड़ जुटी हुई है। दूर-दराज से आए श्रद्धालु महाकाल दर्शन के साथ नागचंद्रेश्वर के दर्शन करने पहुंच रहे हैं।

भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए मंदिर के पट 24 घंटे खुले रहेंगे। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। दर्शन की कतारों को व्यवस्थित रखने, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिसकर्मी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं।

मंदिर तक पहुंचने वाले मार्गों पर भी श्रद्धालुओं की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रशासन की कोशिश है कि भक्तों को दर्शन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

नागपंचमी पर भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। मान्यता है कि इस दिन भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन और पूजन से भक्तों को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के चलते हर साल नागपंचमी पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के इस विशेष संयोग ने उज्जैन को पूरी तरह शिवमय कर दिया है। मंदिरों में पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजनों का सिलसिला जारी है। नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खुलने के साथ ही 24 घंटे तक श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन का अवसर मिलेगा।