सतना में बारिश के साथ बढ़ा डेंगू-मलेरिया का खतरा: 8 महीने में डेंगू के 44 और मलेरिया के 40 मरीज मिले
सतना जिले में बारिश के मौसम के साथ मच्छरजनित और वायरल बीमारियों का प्रकोप बढ़ता दिखाई दे रहा है। जनवरी से अगस्त तक जिले में डेंगू के 44 और मलेरिया के 40 मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें से ज्यादातर मामले बारिश के मौसम में सामने आने की बात कही जा रही है। अगस्त में मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ गई है।
बारिश के बाद जगह-जगह पानी जमा होने और मच्छरों की संख्या बढ़ने से डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
अगस्त में बढ़े डेंगू-मलेरिया के मामले
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक डेंगू के 44 मरीज सामने आए हैं। वहीं मलेरिया से संक्रमित मरीजों की संख्या 40 तक पहुंच गई है। इनमें बड़ी संख्या में मरीज बारिश के मौसम के दौरान सामने आए हैं।अगस्त में बारिश का दौर तेज होने के साथ मच्छरों का प्रजनन बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में आने वाले दिनों में मरीजों की संख्या और बढ़ सकती है।
घरों के आसपास जमा पानी बना खतरा
बारिश के बाद घरों की छतों, कूलर, पुराने बर्तनों, टायरों और अन्य स्थानों पर पानी जमा हो जाता है। यही जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का कारण बनता है। स्वास्थ्य विभाग लोगों से पानी जमा नहीं होने देने और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की अपील कर रहा है।डेंगू फैलाने वाला मच्छर सामान्यतः दिन के समय भी काट सकता है, इसलिए लोगों को केवल रात में ही नहीं बल्कि दिन के समय भी मच्छरों से बचाव करना जरूरी है।
वायरल बुखार के मरीज भी बढ़े
बारिश के मौसम में डेंगू और मलेरिया के अलावा वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और अन्य मौसमी बीमारियों के मरीज भी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंच रहे हैं। बुखार होने पर लोग खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की जा रही है।स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को साफ पानी पीने, आसपास गंदगी और जलभराव नहीं होने देने तथा मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी
डेंगू और मलेरिया के मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा रहा है। संदिग्ध मरीजों की जांच के साथ मच्छरों के लार्वा की जांच और उन्हें नष्ट करने की कार्रवाई भी की जा रही है।अधिकारियों का कहना है कि बारिश के मौसम में लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। सतना में जनवरी से अगस्त तक डेंगू के 44 और मलेरिया के 40 मामले सामने आना इस बात का संकेत है कि मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए सामूहिक स्तर पर सतर्कता जरूरी है।