☰
×

दीपावली पर फूलों की मांग बढ़ी, उज्जैन की मंडी में आवक और दाम दोनों में तेजी

 

दीपावली के त्योहार की तैयारियों के बीच उज्जैन की फूल मंडी में रौनक बढ़ने लगी है। घर-आंगन सजाने से लेकर मंदिरों में पूजा-अर्चना और बाजारों की सजावट तक फूलों की मांग में तेजी आई है। इसका असर फूल मंडी में साफ दिखाई दे रहा है। त्योहार नजदीक आने के साथ ही फूलों की आवक बढ़ी है और इनके भाव में भी तेजी दर्ज की जा रही है।

दीपावली पर फूलों का विशेष महत्व होता है। लोग घरों के मुख्य दरवाजे, आंगन और पूजा स्थल को सजाने के लिए गेंदे सहित विभिन्न प्रकार के फूल खरीदते हैं। वहीं मंदिरों में भगवान के शृंगार और पूजा के लिए भी फूलों की मांग बढ़ जाती है। बाजारों और दुकानों को आकर्षक बनाने के लिए व्यापारी भी फूलों का इस्तेमाल करते हैं।

घर और मंदिरों की सजावट में फूलों की मांग

दीपावली के अवसर पर घरों में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। पूजा की तैयारी के तहत फूलों और मालाओं की खरीदारी भी की जाती है। इसके अलावा लोग दरवाजों पर फूलों की लड़ियां और वंदनवार लगाकर घरों को सजाते हैं।

मंदिरों में भी दीपावली के दौरान विशेष सजावट होती है। भगवान के शृंगार, पूजा और धार्मिक आयोजनों में फूलों का इस्तेमाल बढ़ जाता है। इसी वजह से त्योहार के दिनों में फूल विक्रेताओं के कारोबार में तेजी देखने को मिलती है।

उज्जैन की फूल मंडी में बढ़ी हलचल

फूलों की बढ़ती मांग का असर उज्जैन की फूल मंडी में भी दिखाई देने लगा है। यहां फूलों की आवक और कीमतों में तेजी आई है। त्योहार को देखते हुए मंडी में कारोबार बढ़ने लगा है। दुकानदारों और फूल विक्रेताओं को उम्मीद है कि दीपावली के नजदीक आने के साथ खरीदारी और तेज होगी।

फूलों की मांग बढ़ने से मंडी में ग्राहकों की आवाजाही भी बढ़ने की संभावना है। पूजा सामग्री और सजावट के लिए लोग अलग-अलग प्रकार के फूल खरीद रहे हैं।

त्योहार के दिनों में कारोबार बढ़ने की उम्मीद

दीपावली के पांच दिवसीय पर्व के दौरान धनतेरस से लेकर भाई दूज तक फूलों की मांग बनी रहती है। घरों, मंदिरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सजावट के लिए फूलों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में फूल विक्रेताओं के लिए यह समय कारोबार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।

फिलहाल उज्जैन की फूल मंडी में आवक और भाव दोनों में तेजी देखी जा रही है। हालांकि, अलग-अलग फूलों के वर्तमान भाव और आवक के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। त्योहार के अंतिम दिनों में मांग किस स्तर तक पहुंचती है, इस पर व्यापारियों की नजर बनी हुई है।