रीवा में प्रसूता और नवजात की मौत का मामला गरमाया: पिता का आरोप- 50 लाख और फिर 1 करोड़ रुपए में समझौते का दिया गया ऑफर
मध्य प्रदेश के रीवा स्थित संजय गांधी अस्पताल में 22 वर्षीय महिला कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर मृतका के परिवार ने अस्पताल प्रबंधन और संबंधित लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कल्पना के पिता रामशिरोमणि मिश्रा का आरोप है कि मामले को दबाने के लिए उन्हें पहले 50 लाख रुपए और बाद में 1 करोड़ रुपए में समझौता करने का ऑफर दिया गया।
परिवार का कहना है कि वे पैसों के लिए नहीं, बल्कि अपनी बेटी और नवजात बच्चे के साथ हुई कथित लापरवाही के लिए न्याय चाहते हैं। पिता के आरोपों के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और अब पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
बेटी और नवजात की मौत से परिवार सदमे में
जानकारी के मुताबिक, कल्पना मिश्रा को प्रसव के लिए संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रसव के बाद उसकी और नवजात बच्चे की मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार ने अस्पताल की व्यवस्था और इलाज में लापरवाही को लेकर सवाल खड़े किए।
मृतका के पिता रामशिरोमणि मिश्रा का कहना है कि उनकी बेटी और नाती की मौत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद कुछ लोगों ने मामले को खत्म करने के लिए आर्थिक समझौते की पेशकश की।
पिता ने लगाए गंभीर आरोप
रामशिरोमणि मिश्रा ने दावा किया कि पहले उन्हें 50 लाख रुपए देने की बात कही गई और बाद में रकम बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए तक करने का प्रस्ताव दिया गया। उनका आरोप है कि यह सब इसलिए किया गया ताकि मामला आगे न बढ़े।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी। अस्पताल प्रशासन या संबंधित पक्ष की ओर से इस मामले में क्या जवाब दिया गया है, यह भी जांच का हिस्सा होगा।
जांच की मांग, दोषियों पर कार्रवाई की मांग
घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोगों ने मामले की गंभीर जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अगर किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। इसमें इलाज के दौरान हुई प्रक्रिया, डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की भूमिका सहित अन्य बिंदुओं को शामिल किया जा सकता है।
अस्पताल की भूमिका पर उठे सवाल
संजय गांधी अस्पताल रीवा क्षेत्र का प्रमुख सरकारी अस्पताल है। ऐसे में यहां हुई इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार का आरोप है कि समय रहते सही इलाज और उचित देखभाल नहीं मिलने के कारण यह स्थिति बनी।
फिलहाल मामला जांच के दायरे में है। परिवार न्याय की मांग पर अड़ा हुआ है, वहीं प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि जांच के बाद घटना की वास्तविक वजह और जिम्मेदार लोगों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।