दतिया विधायक घनश्याम सिंह के निर्वाचन को हाईकोर्ट में चुनौती, हलफनामे में जानकारी छिपाने का आरोप
दतिया विधानसभा उपचुनाव में जीत दर्ज करने के करीब दो महीने बाद कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह के निर्वाचन को जबलपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि विधायक ने नामांकन के दौरान दाखिल किए गए हलफनामे में वर्ष 1991 के एक आपराधिक मामले की जानकारी नहीं दी।
याचिका में कहा गया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों को अपने आपराधिक रिकॉर्ड सहित अन्य जरूरी जानकारियां हलफनामे में देना अनिवार्य होता है। आरोप है कि घनश्याम सिंह की ओर से दाखिल हलफनामे में कथित रूप से एक पुराने आपराधिक मामले का उल्लेख नहीं किया गया।याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से घनश्याम सिंह के निर्वाचन को निरस्त करने की मांग की है। मामले में अब अदालत में सुनवाई के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
गौरतलब है कि दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में घनश्याम सिंह ने जीत हासिल की थी। चुनाव परिणाम के बाद अब उनके निर्वाचन को लेकर कानूनी चुनौती सामने आई है।हाईकोर्ट में दायर याचिका में लगाए गए आरोपों पर अभी विधायक पक्ष की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अदालत में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें और दस्तावेजों की जांच के बाद मामले पर आगे फैसला होगा।
चुनाव से जुड़े मामलों में उम्मीदवारों द्वारा दाखिल हलफनामे की जानकारी महत्वपूर्ण मानी जाती है। किसी जानकारी के गलत पाए जाने या छिपाने के आरोपों पर न्यायालय तथ्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर विचार करता है।फिलहाल घनश्याम सिंह के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका जबलपुर हाईकोर्ट में विचाराधीन है और आगे की कार्रवाई अदालत की सुनवाई पर निर्भर करेगी।