दतिया कलेक्टर ने तहसीलदार से कहा- ‘आप बाहर जाइए’, फार्मर ID की पेंडेंसी पर बैठक में हुआ विवाद
मध्य प्रदेश के दतिया में फार्मर आईडी की पेंडेंसी को लेकर कलेक्टर और तहसीलदार के बीच बैठक के दौरान तीखी बहस का मामला सामने आया है। समीक्षा बैठक में काम की धीमी गति को लेकर कलेक्टर ने तहसीलदार से नाराजगी जताई और उन्हें बैठक से बाहर जाने के लिए कह दिया। इसका वीडियो अब चर्चा में है।
जानकारी के मुताबिक, जिले में फार्मर आईडी से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में अधिकारियों से पेंडिंग प्रकरणों की जानकारी ली जा रही थी। इसी दौरान तहसीलदार से उनके क्षेत्र में लंबित फार्मर आईडी के मामलों को लेकर सवाल किए गए।
पेंडेंसी को लेकर हुई बहस
समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने तहसीलदार से काम की स्थिति और लंबित मामलों के बारे में जानकारी मांगी। जवाब के दौरान दोनों अधिकारियों के बीच बहस हो गई। कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए तहसीलदार से कहा कि आप बाहर जाइए।
इसके बाद माहौल गरमा गया। तहसीलदार ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि वह नियम के अनुसार ही काम करेंगे। बैठक में मौजूद अन्य अधिकारियों के सामने हुई इस बहस का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है।
तहसीलदार ने कहा- नियम के अनुसार करेंगे काम
तहसीलदार का कहना था कि फार्मर आईडी से जुड़े मामलों का निराकरण निर्धारित प्रक्रिया और नियमों के तहत किया जाएगा। उनका कहना था कि किसी भी प्रकरण में नियमों की अनदेखी नहीं की जा सकती।
वहीं, कलेक्टर की नाराजगी लंबित मामलों को जल्द निपटाने को लेकर बताई जा रही है। प्रशासन चाहता है कि किसानों से जुड़ी सरकारी योजनाओं और डिजिटल रिकॉर्ड से संबंधित काम समय सीमा में पूरा किया जाए।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण है फार्मर ID
फार्मर आईडी किसानों से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके जरिए किसानों की पहचान और उनकी कृषि संबंधी जानकारी को एकीकृत करने में मदद मिलती है। सरकारी योजनाओं और किसान कल्याण से जुड़े कार्यों में भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।
ऐसे में फार्मर आईडी के प्रकरण लंबित रहने से किसानों को सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। इसी वजह से प्रशासन की ओर से पेंडेंसी कम करने पर जोर दिया जा रहा है।
फिलहाल कलेक्टर और तहसीलदार के बीच बैठक में हुई बहस का मामला चर्चा में है। प्रशासनिक स्तर पर इस घटनाक्रम को लेकर क्या कार्रवाई होती है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं, फार्मर आईडी की लंबित प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए जाने की बात कही जा रही है।