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‘दम है तो आकर मिल’ डकैत ने विरोधी को ललकारा, मुरैना के महेश्वरा मंदिर पहुंचकर बनाया वीडियो; 200 जवान जंगल-बीहड़ में तलाश रहे

 

मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में एक डकैत का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की तलाश तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि डकैत ने महेश्वरा मंदिर पहुंचकर वीडियो बनाया और उसमें अपने विरोधी को चुनौती देते हुए कहा, ‘दम है तो आकर मिल।’ वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने जंगलों तथा बीहड़ वाले इलाकों में तलाशी अभियान तेज कर दिया है। करीब 200 जवान उसकी तलाश में जुटे बताए जा रहे हैं।

मंदिर पहुंचकर बनाया वीडियो

जानकारी के अनुसार, डकैत मुरैना के महेश्वरा मंदिर पहुंचा था। वहां उसने वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें वह अपने विरोधी को ललकारता नजर आ रहा है। वीडियो में कही गई चुनौती के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है। हालांकि, वीडियो कब बनाया गया और इसमें दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान की आधिकारिक पुष्टि जांच के आधार पर ही हो सकेगी।

जंगल और बीहड़ में तलाश अभियान

डकैत की तलाश के लिए पुलिस ने जंगलों और बीहड़ वाले क्षेत्रों में अभियान चलाया है। करीब 200 जवानों के तलाशी अभियान में शामिल होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस संभावित ठिकानों पर निगरानी रखने के साथ संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

बीहड़ का इलाका दुर्गम होने के कारण तलाशी अभियान में पुलिस को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे क्षेत्रों में संदिग्धों की आवाजाही का पता लगाने के लिए स्थानीय सूचनाओं और उपलब्ध साक्ष्यों की मदद ली जाती है।

वीडियो से जांच को मिल सकते हैं सुराग

पुलिस वीडियो की पड़ताल कर यह पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि इसे किस समय रिकॉर्ड किया गया और संबंधित व्यक्ति किस रास्ते से मंदिर तक पहुंचा। वीडियो में दिखाई देने वाले स्थान और अन्य परिस्थितियों की जांच से उसकी गतिविधियों के बारे में सुराग मिलने की संभावना है।

विरोधी को चुनौती देने के पीछे क्या वजह है और दोनों के बीच विवाद किस बात को लेकर है, इसकी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस जांच में इन पहलुओं का खुलासा हो सकता है।

पुलिस की कार्रवाई पर नजर

मुरैना में डकैत की तलाश के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाए जाने की जानकारी के बीच अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजर है। फिलहाल, जंगलों और बीहड़ में तलाशी जारी होने की बात कही जा रही है। डकैत की पहचान, उसके खिलाफ दर्ज मामलों और अभियान के नतीजे की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट होगी।