मोबाइल अपडेट के बहाने साइबर ठगी: जबलपुर नगर निगम ठेकेदार के खाते से उड़ाए 88 हजार रुपए, बैलेंस देख उड़े होश
मध्य प्रदेश के जबलपुर में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां नगर निगम के ठेकेदार वीरेन्द्र बावरिया के बैंक खाते से साइबर ठगों ने 88,542 रुपए निकाल लिए। पीड़ित को इस ठगी की जानकारी तब हुई, जब वह नया मोबाइल खरीदने के बाद अपना बैंक बैलेंस चेक करने पहुंचे। खाते में महज 36 पैसे देखकर उनके होश उड़ गए।
जानकारी के अनुसार, वीरेन्द्र बावरिया का मोबाइल फोन 9 अगस्त को अचानक बंद हो गया था। बताया जा रहा है कि फोन में ऑटो-अपडेट की प्रक्रिया चल रही थी, जिसके बाद मोबाइल काम करना बंद कर गया। काफी प्रयासों के बाद भी जब फोन चालू नहीं हुआ तो उन्होंने नया मोबाइल खरीदने का फैसला किया।नया फोन लेने के बाद जब उन्होंने बैंकिंग ऐप और खाते की जानकारी चेक की तो उन्हें बड़ा झटका लगा। उनके खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 88,542 रुपए निकाले जा चुके थे। खाते में केवल 36 पैसे बचे थे। इसके बाद उन्होंने तुरंत बैंक अधिकारियों से संपर्क किया और मामले की शिकायत दर्ज कराई।
पीड़ित ने बताया कि मोबाइल बंद होने के बाद उन्होंने किसी को भी अपने बैंक खाते से जुड़ी जानकारी साझा नहीं की थी। इसके बावजूद साइबर अपराधियों ने उनके खाते से पैसे निकाल लिए। आशंका जताई जा रही है कि ठगों ने किसी तकनीकी तरीके या मोबाइल से जुड़ी किसी खामी का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया।घटना की शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाने के साथ यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रकम किन खातों में ट्रांसफर की गई और ठगी को किस तरीके से अंजाम दिया गया।
साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, मोबाइल खराब होने या अपडेट के दौरान यूजर्स को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है। कई बार साइबर अपराधी मोबाइल नंबर, बैंकिंग ऐप या अन्य डिजिटल माध्यमों तक पहुंच बनाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अनजान ऐप डाउनलोड करने या ओटीपी और बैंकिंग जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल बंद होने या खो जाने की स्थिति में तुरंत सिम कार्ड ब्लॉक करवाना, बैंकिंग सेवाओं की निगरानी करना और पासवर्ड बदलना जरूरी है। साथ ही खाते में किसी भी अनजान गतिविधि का पता चलते ही तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन को सूचना देनी चाहिए।जबलपुर का यह मामला एक बार फिर डिजिटल लेन-देन के बढ़ते दौर में साइबर सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत को सामने लाता है। पुलिस अब ठगों तक पहुंचने और पीड़ित की रकम वापस दिलाने के प्रयास में जुटी है।