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नरसिंहपुर में अतिवृष्टि से फसलें प्रभावित, किसानों के सर्वे और मुआवजे की मांग को कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन

 

नरसिंहपुर जिले में अतिवृष्टि के कारण किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने का मामला सामने आया है। लगातार हुई बारिश से खेतों में पानी भरने और फसलों के प्रभावित होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। किसानों को हुए नुकसान का जल्द आकलन कराने और उन्हें उचित मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

कांग्रेस की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि जिले के कई क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान हुआ है। अत्यधिक बारिश के चलते खेतों में जलभराव की स्थिति बनी, जिससे फसलें खराब होने की स्थिति में पहुंच गई हैं। किसानों के सामने अब उत्पादन प्रभावित होने के साथ आर्थिक नुकसान का भी संकट खड़ा हो गया है।

कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित गांवों और खेतों का तत्काल सर्वे कराया जाए। सर्वे के दौरान प्रत्येक किसान की फसल को हुए नुकसान का सही आकलन किया जाए, ताकि किसी भी प्रभावित किसान को राहत से वंचित न होना पड़े। पार्टी ने फसल क्षति का पारदर्शी तरीके से आकलन कर जल्द से जल्द मुआवजा देने की मांग की है।

ज्ञापन में किसानों की मौजूदा स्थिति का हवाला देते हुए कहा गया कि खेती पर निर्भर परिवारों के लिए फसल खराब होना बड़ा आर्थिक झटका है। किसानों ने फसल तैयार करने में बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और मजदूरी समेत कई तरह के खर्च किए हैं। ऐसे में अतिवृष्टि से फसल बर्बाद होने पर उन्हें आर्थिक सहायता की जरूरत है।

कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से यह भी आग्रह किया कि सर्वे की प्रक्रिया में स्थानीय स्तर पर प्रभावित किसानों को शामिल किया जाए और नुकसान की वास्तविक स्थिति को दर्ज किया जाए। उनका कहना है कि बारिश से जिन किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं, उन्हें सरकारी राहत और मुआवजे का लाभ समय पर मिलना चाहिए।

ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने किसानों की समस्याओं को प्रशासन के सामने रखा और जल्द कार्रवाई की मांग की। अब किसानों को प्रशासन की ओर से सर्वे और राहत को लेकर होने वाली कार्रवाई का इंतजार है।

प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान का आकलन किए जाने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर पात्र किसानों को नियमानुसार राहत और मुआवजा मिलने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों के लिए फिलहाल सबसे बड़ी मांग यही है कि नुकसान का जल्द सर्वे हो और उन्हें समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।