भोपाल में बाइक टैक्सी पर मंडराया संकट, गैर-कमर्शियल वाहनों पर कार्रवाई की तैयारी; Ola-Rapido पर पड़ेगा असर
भोपाल में ओला और रैपिडो जैसी कंपनियों के जरिए संचालित बाइक टैक्सी सेवाओं पर असर पड़ सकता है। परिवहन विभाग ने टैक्सी यूनियनों की मांग के बाद एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म पर चल रहे गैर-कमर्शियल वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के संकेत दिए हैं। विभाग की इस कार्रवाई से उन बाइक टैक्सी चालकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, जो निजी यानी गैर-कमर्शियल नंबर वाले वाहनों का इस्तेमाल कर यात्रियों को सेवा दे रहे हैं।
टैक्सी यूनियनों ने उठाया मुद्दा
जानकारी के अनुसार टैक्सी यूनियनों ने परिवहन विभाग के सामने एग्रीगेटर कंपनियों के माध्यम से संचालित गैर-कमर्शियल वाहनों का मुद्दा उठाया है। यूनियनों का कहना है कि यात्रियों को किराये पर ले जाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों को नियमों के मुताबिक कमर्शियल श्रेणी में होना चाहिए।यूनियनों की शिकायत के बाद परिवहन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नियमों का पालन सुनिश्चित करने के संकेत दिए हैं। विभाग की कार्रवाई का सीधा असर बाइक टैक्सी सेवाओं पर पड़ सकता है।
गैर-कमर्शियल बाइक पर कार्रवाई की तैयारी
एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म पर चलने वाली कई बाइक निजी नंबर की होती हैं। इनका इस्तेमाल चालक यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए करते हैं। परिवहन विभाग अब ऐसे वाहनों की जांच कर सकता है।यदि जांच में वाहन नियमों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों में इस्तेमाल होते पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ मोटर वाहन नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसमें चालान से लेकर अन्य नियमानुसार कार्रवाई शामिल हो सकती है।
Ola और Rapido की सेवाओं पर असर
भोपाल में ओला और रैपिडो जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए बाइक टैक्सी सेवाएं यात्रियों के बीच लोकप्रिय हैं। खासकर कम दूरी के सफर के लिए लोग इन सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं।यदि गैर-कमर्शियल वाहनों पर कार्रवाई तेज होती है तो इन प्लेटफॉर्म से जुड़े बाइक चालकों की संख्या प्रभावित हो सकती है। इससे यात्रियों को भी बाइक टैक्सी की उपलब्धता कम होने या किराए में बदलाव का सामना करना पड़ सकता है।
विभाग की नजर नियमों के पालन पर
परिवहन विभाग का फोकस एग्रीगेटर कंपनियों पर चलने वाले वाहनों की वैधता और उनके दस्तावेजों की जांच पर हो सकता है। विभाग यह देखेगा कि वाहन का इस्तेमाल किस श्रेणी में किया जा रहा है और उसके पास व्यावसायिक यात्री परिवहन के लिए जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं।इसके साथ ही चालकों के लाइसेंस, वाहन के कागजात और अन्य जरूरी अनुमतियों की भी जांच की जा सकती है।
बाइक टैक्सी चालकों में बढ़ सकती है चिंता
परिवहन विभाग की कार्रवाई के संकेत के बाद बाइक टैक्सी चालकों में चिंता बढ़ सकती है। निजी बाइक के जरिए कमाई करने वाले कई चालक एग्रीगेटर कंपनियों से जुड़े हुए हैं। यदि उनके वाहनों को गैर-कमर्शियल श्रेणी के कारण कार्रवाई का सामना करना पड़ा तो उनकी आय प्रभावित हो सकती है।फिलहाल विभाग की ओर से कार्रवाई की विस्तृत रूपरेखा सामने नहीं आई है। लेकिन टैक्सी यूनियनों की मांग के बाद गैर-कमर्शियल वाहनों पर कार्रवाई के संकेत ने भोपाल में बाइक टैक्सी सेवा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में परिवहन विभाग की जांच और कार्रवाई से स्थिति और स्पष्ट होगी।