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क्राइम पेट्रोल' देखकर रची साजिश, साहिबा बानो और पति ने इंद्र कुमार की हत्या की फिल्मी कहानी

 

मध्यप्रदेश के जबलपुर में हुए इंद्र कुमार तिवारी हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में कई चौंकाने वाले और फिल्मी अंदाज़ वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि हत्या की यह पूरी साजिश क्राइम पेट्रोल जैसे क्राइम शोज़ से प्रेरित होकर रची गई, जिसमें आरोपी महिला साहिबा बानो और उसके पति ने मिलकर इंद्र कुमार को पहले फंसाया और फिर जान से मार डाला।

क्या है पूरा मामला?

इंद्र कुमार तिवारी जबलपुर के रहने वाले थे और साहिबा बानो के परिवार से उनके पुराने संबंध थे। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि साहिबा और उसके पति की मकसद इंद्र कुमार की संपत्ति हड़पना था। इसके लिए दोनों ने टीवी पर प्रसारित क्राइम शो से प्रेरणा लेकर एक खतरनाक साजिश रच डाली।

पुलिस के अनुसार, साहिबा बानो और उसके पति ने पहले इंद्र कुमार से नजदीकियां बढ़ाईं और भरोसे में लिया। बाद में उसे जाल में फंसाकर एक सुनसान जगह पर ले जाया गया, जहां उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को छुपाने की कोशिश की गई और मामला आत्महत्या या गुमशुदगी का रूप देने का प्रयास किया गया।

कैसे हुआ खुलासा?

इंद्र कुमार की गुमशुदगी के बाद परिजनों ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तकनीकी जांच (सीसीटीवी, मोबाइल लोकेशन आदि) के आधार पर जब साहिबा बानो और उसके पति से कड़ाई से पूछताछ की, तो दोनों टूट गए और अपना जुर्म कबूल कर लिया।

पूछताछ के दौरान उन्होंने बताया कि ‘क्राइम पेट्रोल’ जैसे टीवी शो देखकर उन्हें यह आइडिया आया था कि कैसे किसी को संपत्ति के लिए फंसाया और मारा जा सकता है। उन्होंने उसी तर्ज पर पूरे प्लान को अंजाम देने की कोशिश की।

समाज में आक्रोश

इस चौंकाने वाली घटना से पूरे जबलपुर में आक्रोश फैल गया है। आम लोगों और समाजसेवियों ने मांग की है कि अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि इस तरह की मानसिकता रखने वालों को सबक मिल सके।

पुलिस की चेतावनी

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे मनोरंजन के लिए बनाए गए क्राइम आधारित धारावाहिकों को वास्तविक जीवन में लागू करने की कोशिश न करें। एसपी जबलपुर ने कहा कि "कानून से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जल्द ही चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में पेश की जाएगी।"

यह हत्याकांड सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि सामाजिक मूल्यों और भरोसे की हत्या भी है — जहां लालच, स्वार्थ और टीवी से प्रभावित मानसिकता ने एक जान ले ली।