उमरिया में 300 मीटर सीसी सड़क के भूमिपूजन खर्च पर विवाद, आधे घंटे के कार्यक्रम में 43 हजार रुपए खर्च का मामला
मध्य प्रदेश के उमरिया जिले की मानपुर जनपद पंचायत में एक सीसी सड़क के भूमिपूजन कार्यक्रम पर हुए खर्च को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम पंचायत परासी ‘अ’ की ओर से आयोजित किए गए कार्यक्रम में करीब 43 हजार रुपये खर्च किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह खर्च महज आधे घंटे चले भूमिपूजन कार्यक्रम के लिए किया गया, जिसको लेकर अब सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत परासी ‘अ’ में 29 मई को 300 मीटर लंबी सीसी सड़क निर्माण कार्य का भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की मौजूदगी रही। पंचायत की ओर से कार्यक्रम की व्यवस्थाओं पर खर्च किया गया, लेकिन अब खर्च की राशि को लेकर विवाद शुरू हो गया है।
स्थानीय लोगों और ग्रामीणों का कहना है कि इतने कम समय के कार्यक्रम पर इतनी बड़ी राशि खर्च करना उचित नहीं है। उन्होंने पंचायत की ओर से किए गए खर्च का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों के लिए आने वाली राशि का उपयोग सोच-समझकर किया जाना चाहिए, ताकि इसका लाभ सीधे आम जनता को मिल सके।
वहीं, पंचायत स्तर पर किए गए खर्च को लेकर अब अधिकारियों का ध्यान भी इस मामले की ओर गया है। मामले में खर्च से जुड़े दस्तावेजों और बिलों की जांच की मांग की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि राशि किस-किस मद में खर्च की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए मिलने वाली राशि का अधिकतम उपयोग गुणवत्ता और विकास कार्यों में होना चाहिए। कार्यक्रमों और आयोजनों में अनावश्यक खर्च को लेकर पारदर्शिता जरूरी है।
इस पूरे मामले को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों का पक्ष भी सामने आना बाकी है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि भूमिपूजन कार्यक्रम में खर्च की गई राशि नियमों के अनुसार थी या नहीं।
गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतों के विकास कार्यों और सरकारी राशि के उपयोग को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन द्वारा खर्च की समीक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जांच की जाती है। उमरिया के इस मामले में भी अब सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।