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भोपाल में कॉन्स्टेबल पर नाबालिग छात्रा से रेप का आरोप, बेटी के बर्थडे के बहाने बुलाकर बंधक बनाने की FIR

 

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक पुलिस कॉन्स्टेबल पर नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी कॉन्स्टेबल के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि कॉन्स्टेबल ने छात्रा को अपनी बेटी के जन्मदिन का बहाना बनाकर घर बुलाया और फिर उसे बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।

मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

बर्थडे पार्टी के बहाने छात्रा को बुलाया

जानकारी के अनुसार, पीड़िता एक नाबालिग छात्रा है। आरोप है कि आरोपी कॉन्स्टेबल ने उसे अपनी बेटी के जन्मदिन समारोह में शामिल होने के लिए बुलाया था। छात्रा जब वहां पहुंची तो कथित तौर पर उसे एक जगह रोक लिया गया और उसके साथ गलत हरकत की गई।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे डराया-धमकाया और घटना के बारे में किसी को बताने से मना किया।

साथी बेटे पर भी आरोप

शिकायत में पीड़िता ने आरोपी कॉन्स्टेबल के एक साथी और उसके बेटे पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि जब उसके साथ वारदात हो रही थी, तब आरोपी का साथी बेटा बाहर निगरानी करता रहा, ताकि कोई अंदर न आ सके।

मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी है।

FIR दर्ज, जांच में जुटी पुलिस

पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी कॉन्स्टेबल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। चूंकि मामला नाबालिग से जुड़ा है, इसलिए पुलिस ने पॉक्सो एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत जांच शुरू की है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता का बयान दर्ज किया जा रहा है। इसके अलावा मेडिकल जांच और अन्य साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया भी की जा रही है।

आरोपी पर विभागीय कार्रवाई की तैयारी

मामला पुलिस विभाग से जुड़े कर्मचारी का होने के कारण वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इसकी जानकारी ली है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर आरोपी कॉन्स्टेबल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।

पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

नाबालिगों से जुड़े अपराधों पर सख्त कानून

देश में नाबालिगों के खिलाफ अपराधों के लिए सख्त कानून बनाए गए हैं। ऐसे मामलों में पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है। कानून के अनुसार, जांच और सुनवाई के दौरान पीड़ित की सुरक्षा और गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा जाता है।

फिलहाल भोपाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने और साक्ष्य सामने आने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।