SIR और कथित वोट चोरी के विरोध में 1 नवंबर को दिल्ली में कांग्रेस की महारैली, मध्यप्रदेश से कार्यकर्ताओं को जुटाने की तैयारी तेज
एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) और कथित वोट चोरी के विरोध में 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली ‘वोट बचाओ-देश बचाओ जन मार्च और महारैली’ के लिए मध्यप्रदेश कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी का जोर इस आयोजन में प्रदेश से कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर है। कांग्रेस इस रैली के जरिए मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अपने सवालों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी कर रही है।
कांग्रेस एसआईआर की प्रक्रिया और कथित वोट चोरी को लेकर लगातार सवाल उठाती रही है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची की शुद्धता और प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान के अधिकार की सुरक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी है। वहीं, इन आरोपों और चुनावी प्रक्रिया को लेकर संबंधित संस्थाओं का पक्ष भी महत्वपूर्ण है।
प्रदेशभर में कार्यकर्ताओं को जुटाने की तैयारी
मध्यप्रदेश कांग्रेस के सामने इस रैली के लिए प्रदेश के अलग-अलग जिलों से कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की चुनौती है। पार्टी की तैयारियों में जिला और स्थानीय स्तर पर संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय महत्वपूर्ण रहेगा। कांग्रेस अन्य राज्यों के साथ मिलकर भी रैली में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी जुटाने की कोशिश कर रही है।
दिल्ली में विपक्ष के बड़े जुटाव की तैयारी
दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली महारैली को कांग्रेस और INDIA गठबंधन के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक आयोजन माना जा रहा है। पार्टी की योजना रैली के साथ जन मार्च के जरिए भी एसआईआर और कथित वोट चोरी के मुद्दे को उठाने की है। दिल्ली पुलिस ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली के आयोजन के लिए अनुमति भी दी है।
कांग्रेस का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में अनियमितताओं की आशंका है और इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। इन आरोपों को लेकर पार्टी चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग कर रही है। वहीं, आरोपों की पुष्टि और किसी भी अनियमितता का निर्धारण संबंधित तथ्यों तथा आधिकारिक जांच के आधार पर ही किया जा सकता है।
अब मध्यप्रदेश कांग्रेस की तैयारियों का फोकस 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाले इस आयोजन में प्रदेश की भागीदारी पर रहेगा। रैली में कितने कार्यकर्ता शामिल होंगे और प्रदेश इकाई की ओर से क्या विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है।