×

कांग्रेस ने आनंदपुर धाम ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाए, SC अध्यक्ष ने की CBI जांच की मांग

 

कांग्रेस ने आनंदपुर धाम ट्रस्ट के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए यौन शोषण, जमीन कब्जा, गो-तस्करी और काले धन को सफेद करने जैसी घटनाओं का खुलासा किया है। कांग्रेस के SC (Scheduled Castes) अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी साझा की और कहा कि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।

प्रदीप अहिरवार ने कहा कि ट्रस्ट में घटित घटनाएं केवल धार्मिक संस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के कमजोर वर्ग और पीड़ितों के अधिकारों के उल्लंघन से संबंधित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इन मामलों में तत्काल सीबीआई जांच नहीं की गई और पीड़ितों को सुरक्षा प्रदान नहीं की गई, तो कांग्रेस हाईकोर्ट जाने का विकल्प भी खुले तौर पर रखती है।

अहिरवार ने मीडिया को बताया कि कई पीड़ित अपनी सुरक्षा को लेकर डर का सामना कर रहे हैं। “हम चाहते हैं कि सरकार और संबंधित विभाग तत्काल कदम उठाएं और पीड़ितों को संरक्षण दें। साथ ही ट्रस्ट में हुई अवैध गतिविधियों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो,” उन्होंने कहा।

कांग्रेस के आरोपों के मुताबिक, ट्रस्ट के नाम पर जमीनों पर अवैध कब्जा किया गया, गो-तस्करी की घटनाओं में शामिल लोग अब तक बगैर जांच के अपनी गतिविधियों को जारी रख रहे हैं। इसके अलावा, काले धन को सफेद करने की प्रक्रिया और यौन शोषण की शिकायतें समाज में भारी चिंता का विषय बन गई हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक और समाजिक संस्थाओं में इस तरह के मामलों की जांच समय पर न होने से जनता का विश्वास संस्थाओं से कम होता है। इसके अलावा, पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित न होने पर न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसी की जांच को प्राथमिकता देना आवश्यक है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि वे सिर्फ आरोप लगाने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि यह सुनिश्चित करेंगे कि ट्रस्ट की गतिविधियों की जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। अहिरवार ने कहा, “यदि राज्य प्रशासन ने मामले की गंभीरता को नहीं समझा, तो हम उच्च न्यायालय में जाकर न्याय की मांग करेंगे। यह केवल राजनीतिक मामला नहीं, बल्कि सामाजिक और कानूनी जिम्मेदारी है।”

कांग्रेस के इस कदम से आनंदपुर धाम ट्रस्ट और भोपाल प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्थानीय मीडिया और समाजिक संगठन इस मामले को लगातार नजर में रखे हुए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामले सिर्फ एक ट्रस्ट तक सीमित नहीं रहते, बल्कि धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों का पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता को उजागर करते हैं। यदि उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो यह समाज में विश्वास की कमी और कानून के प्रति अविश्वास को बढ़ा सकता है।

कांग्रेस की मांग है कि तत्काल CBI जांच शुरू की जाए, पीड़ितों को सुरक्षा प्रदान की जाए और ट्रस्ट के द्वारा की गई अवैध गतिविधियों की निष्पक्ष रूप से छानबीन की जाए। उनके अनुसार, इस मामले में कार्रवाई न होने पर हाईकोर्ट तक जाने का रास्ता अपनाया जाएगा।

इस प्रकार, आनंदपुर धाम ट्रस्ट को लेकर कांग्रेस के आरोप और SC अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने मध्यप्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक हलचल बढ़ा दी है।