शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों के साथ जमीन पर बैठे आयुक्त, बोले- कोर्ट के फैसले तक करें इंतजार; 1 हजार उम्मीदवार नौकरी से वंचित
शिक्षक भर्ती से जुड़े करीब एक हजार अभ्यर्थी नौकरी नहीं मिलने से परेशान हैं। अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी लगातार अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं। इसी बीच प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से मिलने पहुंचे आयुक्त भी उनके साथ जमीन पर बैठ गए। उन्होंने अभ्यर्थियों की बात सुनी और उन्हें समझाते हुए कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए कोर्ट के फैसले तक इंतजार करना होगा।
अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उन्हें नियुक्ति नहीं मिल पाई है। लंबे समय से नौकरी का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों में सरकार और प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में सफल होने के बाद भी नियुक्ति से वंचित रहना उनके भविष्य के साथ अन्याय है।
अभ्यर्थियों के बीच जमीन पर बैठे आयुक्त
प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर संबंधित विभाग के आयुक्त अभ्यर्थियों से बातचीत करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने औपचारिक तरीके से बातचीत करने के बजाय अभ्यर्थियों के साथ जमीन पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं।
आयुक्त ने अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाने का प्रयास किया कि मामले को लेकर जो भी कानूनी स्थिति है, उसके अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि चूंकि मामला कोर्ट में है, इसलिए न्यायालय के निर्णय का इंतजार करना जरूरी है।
करीब एक हजार अभ्यर्थी नियुक्ति से वंचित
अभ्यर्थियों के मुताबिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में चयनित होने के बावजूद करीब एक हजार उम्मीदवार अभी नौकरी से वंचित हैं। उम्मीदवारों का कहना है कि उन्होंने भर्ती के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी की और चयन सूची में स्थान हासिल किया, लेकिन नियुक्ति नहीं मिलने के कारण उनका भविष्य अधर में है।
अभ्यर्थियों ने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में सफल होने के बाद भी वर्षों तक नियुक्ति का इंतजार करना उनके लिए आर्थिक और मानसिक रूप से मुश्किल हो रहा है।
कोर्ट के फैसले पर टिकी निगाहें
आयुक्त ने अभ्यर्थियों से कहा कि फिलहाल उन्हें न्यायालय के फैसले तक इंतजार करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोर्ट का निर्णय आने के बाद ही आगे की स्थिति तय हो सकेगी।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे अपनी मांग को लेकर लगातार आवाज उठाते रहेंगे। वहीं प्रशासन का रुख है कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नियुक्ति को लेकर अगला कदम उठाया जा सकेगा।
अब करीब एक हजार शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों की नजर हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी है। उम्मीदवारों को उम्मीद है कि अदालत से उनके पक्ष में फैसला आने के बाद नियुक्ति का रास्ता साफ होगा और लंबे समय से चल रहा इंतजार खत्म हो सकेगा।