लाड़ली बहना योजना पर CM मोहन यादव का बड़ा बयान, बोले- मुख्यमंत्री बनते ही इतना आर्थिक बोझ पड़ेगा, अंदाजा नहीं था
मध्य प्रदेश की चर्चित लाड़ली बहना योजना एक बार फिर चर्चा में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने योजना को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसके बाद इसके आर्थिक भार और भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाड़ली बहना योजना सरकार के लिए काफी महंगी साबित हो रही है और मुख्यमंत्री बनने के समय उन्हें अंदाजा नहीं था कि इस योजना का इतना बड़ा वित्तीय बोझ राज्य सरकार पर पड़ेगा।
दरअसल, भोपाल के रविंद्र भवन में आयोजित बुंदेली समागम-2026 के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव से बुंदेली कंटेंट क्रिएटर बिन्नू रानी ने सवाल किया था। उन्होंने पूछा कि सरकार ने बहनों के लिए तो लाड़ली बहना जैसी योजना शुरू की है, लेकिन बेटियों के लिए आगे क्या योजना है। इसी सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में लाड़ली बहना योजना के खर्च का जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री बनने के बाद पता चला कि योजना से सरकार पर कितना बड़ा आर्थिक दायित्व आ रहा है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्हें पहले अंदाजा नहीं था कि मुख्यमंत्री बनने के साथ इतनी भारी आर्थिक मार भी पड़ेगी। उनके इस जवाब पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं और माहौल हल्का-फुल्का हो गया।
शिवराज सिंह चौहान सरकार ने शुरू की थी योजना
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की शुरुआत वर्ष 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने की थी। शुरुआत में पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती थी। बाद में राशि बढ़ाई गई और वर्तमान में पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह दिए जा रहे हैं।
सरकारी योजना पोर्टल के अनुसार इसका उद्देश्य प्रदेश की महिलाओं का आर्थिक स्वावलंबन बढ़ाना, उनके स्वास्थ्य और पोषण में सुधार करना तथा परिवार के निर्णयों में उनकी भूमिका को मजबूत करना है।
करीब 1.25 करोड़ महिलाओं को मिल रहा लाभ
लाड़ली बहना योजना के तहत मध्य प्रदेश में करीब 1.25 करोड़ महिलाएं लाभ ले रही हैं। जुलाई 2026 में सरकार की ओर से 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में 1,500 रुपये की मासिक किस्त के लिए 1,835 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई थी।
मौजूदा राशि के आधार पर योजना पर सालाना खर्च करीब 22,680 करोड़ रुपये बैठता है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री के हालिया बयान के बाद योजना के वित्तीय भार को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, मुख्यमंत्री के बयान से यह संकेत नहीं मिलता कि सरकार योजना को बंद करने जा रही है। उपलब्ध रिपोर्टों में भी महिलाओं को सहायता जारी रखने की बात सामने आई है।
लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की प्रमुख महिला-केंद्रित योजनाओं में शामिल है। ऐसे में मुख्यमंत्री का आर्थिक बोझ वाला बयान आने के बाद अब योजना के खर्च और आने वाले समय में इसके स्वरूप को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा तेज हो गई है।