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गड्ढों में शहर, सुस्ती में नगर निगम! मिक्सर प्लांट बंद होने से सड़क मरम्मत प्रभावित, रोजाना 150 की जगह 100 वर्गमीटर पैच रिपेयर

 

शहर की सड़कों पर गड्ढों की समस्या लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। वहीं, नगर निगम की सड़क मरम्मत की रफ्तार भी तय लक्ष्य से पीछे चल रही है। जानकारी के मुताबिक, सड़कों पर रोजाना 150 वर्गमीटर क्षेत्र में पैच रिपेयर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन प्रतिदिन करीब 100 वर्गमीटर क्षेत्र में ही मरम्मत हो पा रही है। मिक्सर प्लांट बंद होने को भी काम प्रभावित होने की वजह बताया जा रहा है।

सड़कों पर गड्ढे होने से वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह समस्या ज्यादा जोखिम भरी हो सकती है। गड्ढों के कारण वाहनों की रफ्तार कम होती है और कई जगहों पर यातायात भी प्रभावित हो सकता है। ऐसे में सड़क मरम्मत कार्य में तेजी लाना नगर निगम के सामने बड़ी चुनौती है।

रोजाना 150 वर्गमीटर मरम्मत का लक्ष्य

नगर निगम के सामने प्रतिदिन 150 वर्गमीटर क्षेत्र में पैच रिपेयर करने का लक्ष्य है। हालांकि, मौजूदा स्थिति में करीब 100 वर्गमीटर क्षेत्र में ही काम हो पा रहा है। इस तरह निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले रोजाना 50 वर्गमीटर कम मरम्मत हो रही है।

यदि यही रफ्तार बनी रहती है, तो सड़कों के गड्ढों को भरने और खराब हिस्सों की मरम्मत में अधिक समय लग सकता है। इससे उन इलाकों के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है, जहां सड़कें लंबे समय से खराब हैं।

मिक्सर प्लांट बंद होने से काम प्रभावित

सड़क मरम्मत में मिक्सर प्लांट की अहम भूमिका होती है। सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों को ठीक करने के लिए आवश्यक मिश्रण तैयार करने की प्रक्रिया प्रभावित होने पर मरम्मत कार्य की गति भी धीमी पड़ सकती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मिक्सर प्लांट बंद होने के कारण पैच रिपेयर का काम निर्धारित लक्ष्य तक नहीं पहुंच पा रहा है।

ऐसे में प्लांट को दोबारा चालू करने या मरम्मत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने जैसे कदम महत्वपूर्ण हो सकते हैं। हालांकि, प्लांट बंद होने की वास्तविक वजह और उसे चालू करने की समयसीमा के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

आम लोगों को राहत मिलने का इंतजार

सड़क पर गड्ढे होने से वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल चलने वालों को भी दिक्कत होती है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भरने पर उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है। खराब सड़कों के कारण वाहन क्षतिग्रस्त होने और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है।

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि नगर निगम मरम्मत कार्य में तेजी लाएगा और प्रमुख सड़कों के साथ-साथ अंदरूनी इलाकों की खराब सड़कों पर भी ध्यान देगा।

तय लक्ष्य पूरा करना निगम के सामने चुनौती

रोजाना 150 वर्गमीटर मरम्मत के लक्ष्य के मुकाबले 100 वर्गमीटर काम होना व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत बताता है। मिक्सर प्लांट की स्थिति, कर्मचारियों और सामग्री की उपलब्धता तथा काम की नियमित निगरानी पर ध्यान देकर मरम्मत की गति बढ़ाई जा सकती है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी में शहर का नाम, मिक्सर प्लांट बंद होने की अवधि और सड़क मरम्मत पूरी करने की समयसीमा स्पष्ट नहीं है। इन जानकारियों के सामने आने से यह समझने में मदद मिलेगी कि नगर निगम कब तक सड़कों की स्थिति सुधार पाएगा।