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नागर शैली में सजेगा छोला हनुमान लोक, सुंदरकांड थीम पर बनेगा भव्य कॉरिडोर; गर्भगृह का स्वरूप रहेगा यथावत

 

राजधानी भोपाल के प्रसिद्ध छोला हनुमान लोक का परिसर जल्द ही नए और भव्य स्वरूप में नजर आएगा। मंदिर परिसर के विकास के लिए तैयार की गई योजना के तहत इसे नागर शैली की वास्तुकला के अनुरूप विकसित किया जाएगा। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए सुंदरकांड की थीम पर आधारित आकर्षक कॉरिडोर का निर्माण भी किया जाएगा। हालांकि, मंदिर के मूल गर्भगृह और भगवान हनुमान की प्रतिमा के स्वरूप में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

प्रस्तावित परियोजना का उद्देश्य मंदिर की धार्मिक गरिमा को बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और परिसर को सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से अधिक आकर्षक बनाना है।

सुंदरकांड की झलक दिखाएगा कॉरिडोर

योजना के अनुसार मंदिर परिसर में बनने वाला कॉरिडोर रामचरितमानस के सुंदरकांड की प्रमुख घटनाओं पर आधारित होगा। कॉरिडोर की दीवारों और अन्य संरचनाओं पर भगवान हनुमान के पराक्रम, श्रीराम के प्रति उनकी भक्ति और लंका यात्रा से जुड़े प्रसंगों को कलात्मक रूप से दर्शाया जाएगा।

इससे श्रद्धालुओं को दर्शन के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव भी मिलेगा। मंदिर आने वाले श्रद्धालु सुंदरकांड के प्रसंगों को चित्रों और शिल्पकला के माध्यम से देख सकेंगे।

गर्भगृह में नहीं होगा कोई बदलाव

मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विकास कार्य केवल बाहरी परिसर और श्रद्धालुओं की सुविधाओं तक सीमित रहेगा। मंदिर के गर्भगृह, मूल प्रतिमा और धार्मिक परंपराओं में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया जाएगा। इससे मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।

श्रद्धालुओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

परियोजना के तहत परिसर में आने-जाने के मार्गों को व्यवस्थित किया जाएगा। इसके अलावा बैठने की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, हरित क्षेत्र, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा। मंदिर परिसर को इस तरह विकसित किया जाएगा कि त्योहारों और विशेष अवसरों पर बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि नागर शैली में विकसित होने के बाद छोला हनुमान लोक न केवल आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी नई पहचान देगा। सुंदरकांड थीम पर आधारित कॉरिडोर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगा।

मंदिर के विकास की इस योजना से धार्मिक महत्व को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का समावेश किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को अधिक सुव्यवस्थित और आध्यात्मिक वातावरण मिल सकेगा।