चिंतामन गणेश की भगवान राम ने की थी पूजा:7 करोड़ के आभूषण से खजराना में श्रृंगार, ये हैं MP के मंदिरों की मान्यताएं
मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध गणेश मंदिरों में गणेश चतुर्थी के मौके पर विशेष पूजा-अर्चना और भव्य श्रृंगार किया जाता है। इन मंदिरों से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं और पौराणिक कथाएं श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था का केंद्र हैं। उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां भगवान राम ने गणेशजी की पूजा की थी। वहीं इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में विशेष अवसर पर भगवान गणेश का करोड़ों रुपये के आभूषणों से श्रृंगार किया जाता है।
उज्जैन का चिंतामन गणेश मंदिर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। मान्यता है कि भगवान राम ने वनवास के दौरान यहां गणेशजी की पूजा की थी। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि मंदिर में विराजमान गणेशजी चिंताओं को दूर करते हैं। इसी वजह से इन्हें चिंतामन गणेश कहा जाता है। गणेश चतुर्थी और अन्य विशेष अवसरों पर यहां बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
चिंतामन गणेश मंदिर की एक खास मान्यता यहां स्थापित स्वयंभू प्रतिमा से भी जुड़ी है। श्रद्धालु इसे अत्यंत प्राचीन और जागृत स्वरूप मानते हैं। मंदिर में दर्शन और पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होने तथा जीवन की परेशानियां दूर होने की धार्मिक मान्यता है।
इंदौर का खजराना गणेश मंदिर भी श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा केंद्र है। यहां भगवान गणेश का विशेष श्रृंगार किया जाता है। गणेश चतुर्थी जैसे अवसरों पर मंदिर को फूलों और अन्य सजावटी सामग्री से सजाया जाता है। भगवान गणेश को सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती आभूषणों से सजाया जाता है। इस बार करीब 7 करोड़ रुपये के आभूषणों से श्रृंगार किए जाने की चर्चा रही, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं।
खजराना गणेश मंदिर से जुड़ी मान्यता है कि यहां भगवान गणेश की प्रतिमा को स्थापित कराने में तत्कालीन शासक रानी अहिल्याबाई होलकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि खजराना गणेश अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। मंदिर में दूर-दूर से लोग विवाह, संतान, रोजगार और अन्य मनोकामनाओं के लिए पूजा करने पहुंचते हैं।
मध्यप्रदेश में इसके अलावा कई ऐसे प्राचीन गणेश मंदिर हैं, जिनसे अलग-अलग पौराणिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। गणेश चतुर्थी के दौरान इन मंदिरों में विशेष पूजा, अभिषेक और श्रृंगार किया जाता है। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार भगवान गणेश को मोदक, लड्डू, दूर्वा और अन्य प्रसाद अर्पित करते हैं।
इन मंदिरों की मान्यताएं धार्मिक आस्था और स्थानीय परंपराओं का हिस्सा हैं। चिंतामन गणेश और खजराना गणेश जैसे प्रसिद्ध मंदिरों में गणेश चतुर्थी के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ कई गुना बढ़ जाती है। विशेष पूजा और भव्य श्रृंगार के कारण इन मंदिरों में उत्सव का माहौल रहता है और भक्त भगवान गणेश के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।