मुख्यमंत्री मोहन यादव आज ‘अभ्युदय-2026’ सम्मेलन में होंगे शामिल, HR-CSR और सुशासन पर करेंगे संवाद
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को भोपाल में आयोजित चतुर्थ राष्ट्रीय एचआर-सीएसआर सम्मेलन ‘अभ्युदय-2026’ में शामिल होंगे। यह सम्मेलन भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री संबोधित करेंगे और सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के साथ संवाद भी करेंगे।
सम्मेलन का उद्देश्य मानव संसाधन (एचआर), कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर), सुशासन और समग्र कल्याण से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श करना है। इस वर्ष सम्मेलन की थीम ‘अभ्युदय: समग्र कल्याण के लिए पर्यावरण-सामाजिक उत्तरदायित्व-सुशासन और सभ्यतागत ज्ञान का समन्वय’ रखी गई है। इसके जरिए पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जिम्मेदारी और बेहतर प्रशासन के साथ भारतीय सभ्यतागत ज्ञान के संबंधों पर चर्चा की जाएगी।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में अपना संबोधन देंगे। इस दौरान वह सम्मेलन के विषयों पर विचार साझा करेंगे और प्रतिभागियों के साथ संवाद करेंगे। कार्यक्रम में एचआर और सीएसआर से जुड़े मुद्दों के साथ समग्र विकास की अवधारणा पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय स्तर के इस सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिभागियों को अपने विचार और अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा। एचआर के क्षेत्र में कार्यस्थल प्रबंधन, कर्मचारियों के कल्याण और संस्थागत विकास जैसे विषय महत्वपूर्ण हैं, जबकि सीएसआर के अंतर्गत कंपनियों की सामाजिक जिम्मेदारियों और समुदाय के विकास से जुड़े मुद्दे आते हैं।
पर्यावरण, सामाजिक जिम्मेदारी और सुशासन पर फोकस
‘अभ्युदय-2026’ सम्मेलन की थीम में पर्यावरण, सामाजिक उत्तरदायित्व और सुशासन को एक साथ जोड़ने पर जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य विकास की ऐसी अवधारणा पर विचार करना है, जिसमें आर्थिक प्रगति के साथ पर्यावरण संरक्षण और समाज के कल्याण को भी महत्व दिया जाए।
पर्यावरण संरक्षण के तहत प्राकृतिक संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग और टिकाऊ विकास जैसे विषय महत्वपूर्ण हैं। वहीं, सामाजिक उत्तरदायित्व में समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण तथा समुदायों के विकास में संस्थानों की भूमिका पर चर्चा की जा सकती है।
सुशासन का उद्देश्य पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रभावी प्रशासन को बढ़ावा देना है। इन सभी पहलुओं को एक साथ जोड़कर समग्र कल्याण के लिए बेहतर नीतियों और कार्यप्रणालियों पर विचार किया जा सकता है।
सभ्यतागत ज्ञान के समन्वय पर भी चर्चा
इस सम्मेलन की एक प्रमुख विशेषता सभ्यतागत ज्ञान को आधुनिक प्रशासन और सामाजिक विकास के साथ जोड़ने की अवधारणा है। भारतीय परंपराओं में सामूहिक कल्याण, प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और सामाजिक सहयोग जैसे विचारों को महत्व दिया जाता रहा है।
सम्मेलन की थीम के अनुसार, इन विचारों और आधुनिक संस्थागत व्यवस्थाओं के बीच समन्वय पर चर्चा की जाएगी। इसका उद्देश्य विकास की प्रक्रिया में सामाजिक मूल्यों और जिम्मेदारियों को भी स्थान देना है।
राष्ट्रीय स्तर पर विचार-विमर्श का मंच
भोपाल में आयोजित होने वाला ‘अभ्युदय-2026’ एचआर और सीएसआर से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराएगा। मुख्यमंत्री की भागीदारी और उद्घाटन सत्र में उनका संबोधन कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।
सम्मेलन में पर्यावरणीय जिम्मेदारी, सामाजिक कल्याण, सुशासन और सभ्यतागत ज्ञान के समन्वय जैसे विषयों पर चर्चा केंद्र में रहेगी। इससे विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभागियों को अपने अनुभव साझा करने और समग्र विकास से जुड़े विचारों पर संवाद करने का अवसर मिलेगा।