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छतरपुर कलेक्टर का सख्त एक्शन: 3 तहसीलदार, 2 नायब तहसीलदार समेत 8 अधिकारियों-कर्मचारियों पर जुर्माना

 

शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को आयोजित समय-सीमा (टीएल) बैठक में कार्यों की समीक्षा के दौरान लापरवाही सामने आने पर तीन तहसीलदार, दो नायब तहसीलदार और तीन पंचायत सचिवों पर आर्थिक दंड लगाया गया।

कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि शासन की योजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समीक्षा बैठक में हुई कार्रवाई

टीएल बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों, राजस्व मामलों और विकास कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान कई अधिकारियों की कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं पाई गई। इसके बाद कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर आर्थिक दंड लगाने के निर्देश दिए।

मानसून और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस

बैठक में कलेक्टर ने मानसून से जुड़ी तैयारियों, स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल व्यवस्था, जलभराव की स्थिति, संचारी रोगों की रोकथाम और अन्य जनहित के मुद्दों की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता से जुड़े मामलों में लापरवाही या अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी विभाग निर्धारित समय-सीमा के भीतर लंबित प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करें।

जिम्मेदारी तय करने के निर्देश

बैठक में कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को नियमित फील्ड निरीक्षण करने, योजनाओं की प्रगति की निगरानी बढ़ाने और शिकायतों का त्वरित समाधान करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में लापरवाही मिलने पर भविष्य में और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की इस कार्रवाई को सरकारी कामकाज में जवाबदेही और कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।