छतरपुर-पन्ना में ‘चीत्ता आंदोलन’ फिर से शुरू: केन-बेतवा सहित परियोजनाओं पर अन्याय और वादाखिलाफी के आरोप
छतरपुर और पन्ना जिलों में चल रही विभिन्न बड़ी परियोजनाओं को लेकर एक बार फिर ‘चीत्ता आंदोलन’ शुरू हो गया है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि केन-बेतवा लिंक परियोजना, मझगाय माध्यम, रूंझ, नैगुवा सिंचाई परियोजना और एनटीपीसी से जुड़ी योजनाओं में स्थानीय लोगों के साथ कथित रूप से अन्याय किया जा रहा है और उन्हें झूठे आश्वासन दिए गए हैं।
लंबे समय बाद फिर सक्रिय हुआ आंदोलन
स्थानीय स्तर पर पहले स्थगित किया गया यह आंदोलन अब दोबारा सक्रिय हो गया है। आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और मुआवजे से जुड़े मुद्दों का अब तक संतोषजनक समाधान नहीं किया गया है।
परियोजनाओं को लेकर उठे सवाल
आंदोलन से जुड़े लोगों का आरोप है कि इन बड़ी परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता की कमी है और स्थानीय ग्रामीणों के हितों की अनदेखी की जा रही है। खासकर केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर प्रभावित क्षेत्रों में असंतोष गहराता जा रहा है।
प्रशासन पर दबाव बढ़ा
आंदोलन के फिर से शुरू होने के बाद प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि उनकी समस्याओं का समाधान जल्द किया जाए और परियोजनाओं में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए।
बातचीत के जरिए समाधान की उम्मीद
हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर बातचीत और समाधान की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पक्षों की बात सुनकर उचित निर्णय लिया जाएगा, ताकि विकास परियोजनाओं के साथ-साथ स्थानीय हितों की भी रक्षा हो सके।फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रित स्थिति बनी हुई है और सभी की नजर आगे होने वाली बातचीत और प्रशासनिक फैसलों पर टिकी है।