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मध्य प्रदेश में बस संचालकों का अल्टीमेटम, 7 अगस्त से प्रदेशभर में बसें बंद करने की चेतावनी; किराया वृद्धि समेत आठ मांगें रखीं

 

मध्य प्रदेश में बस यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मध्य प्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन ने सरकार को बड़ा अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में बसों का संचालन बंद कर दिया जाएगा। एसोसिएशन ने ऐलान किया है कि 7 अगस्त की रात 12 बजे के बाद से प्रदेश की बस सेवाएं ठप की जा सकती हैं।

सागर में हुई बैठक में लिया गया निर्णय

बस संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक सागर में आयोजित की गई, जिसमें प्रदेशभर के बस ऑपरेटरों ने हिस्सा लिया। बैठक में किराया वृद्धि समेत आठ सूत्रीय मांगों को लेकर चर्चा की गई। इसके बाद एसोसिएशन ने सरकार को समयसीमा देते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।बस संचालकों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर सरकार से मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

किराया बढ़ाने की मांग सबसे प्रमुख

बस ऑनर्स एसोसिएशन की सबसे बड़ी मांग यात्री बसों के किराए में वृद्धि को लेकर है। संचालकों का कहना है कि डीजल, स्पेयर पार्ट्स, बीमा, टैक्स और कर्मचारियों के वेतन में लगातार बढ़ोतरी हुई है, लेकिन बस किराए में लंबे समय से बदलाव नहीं किया गया है। इससे बस संचालन करना मुश्किल होता जा रहा है।उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में परिवहन व्यवसाय आर्थिक दबाव में है और किराया बढ़ाना जरूरी हो गया है।

आठ सूत्रीय मांगों को लेकर नाराजगी

एसोसिएशन ने सरकार के सामने आठ प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें किराया वृद्धि के अलावा बस संचालन से जुड़ी अन्य समस्याओं का समाधान, टैक्स और परमिट व्यवस्था में राहत सहित कई मुद्दे शामिल हैं। बस संचालकों का कहना है कि यदि इन मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे मजबूर होकर हड़ताल का रास्ता अपनाएंगे।

यात्रियों पर पड़ सकता है असर

यदि बस संचालक अपनी घोषणा के अनुसार हड़ताल पर जाते हैं तो इसका सीधा असर लाखों यात्रियों पर पड़ सकता है। प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजाना बड़ी संख्या में लोग निजी बसों से यात्रा करते हैं। बसों का संचालन बंद होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

सरकार के फैसले पर टिकी नजर

अब सभी की नजर राज्य सरकार के रुख पर है। बस संचालकों को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लेगी और हड़ताल की स्थिति नहीं आएगी। वहीं, प्रशासन और परिवहन विभाग की ओर से इस मामले में अभी कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।

बस संचालकों ने साफ कर दिया है कि यदि तय समय तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 7 अगस्त की रात से प्रदेशव्यापी बस बंद आंदोलन शुरू किया जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और बस ऑपरेटरों के बीच बातचीत अहम मानी जा रही है।