रक्षाबंधन पर फ्लाइट के बराबर बस किराया, भोपाल-इंदौर से सफर तीन से चार गुना महंगा
रक्षाबंधन के त्योहार पर घर जाने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ट्रेनों में लंबी वेटिंग और टिकटों की कमी के बीच निजी बस ऑपरेटरों ने कई रूट पर किराए में भारी बढ़ोतरी कर दी है। भोपाल और इंदौर से दूसरे शहरों के लिए बस का किराया सामान्य दिनों के मुकाबले दो से चार गुना तक पहुंच गया है। कुछ रूट पर तो बस का किराया फ्लाइट टिकट के बराबर हो गया है।
भोपाल से दिल्ली का टिकट 3200 से 4500 रुपये तक
भोपाल से दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए सामान्य दिनों में लग्जरी बस का किराया करीब 1300 से 1500 रुपये रहता है। लेकिन रक्षाबंधन के आसपास यही किराया बढ़कर 3200 रुपये तक पहुंच गया है। कुछ बसों में रात की यात्रा के लिए 4500 रुपये तक किराया लिया जा रहा है।
यात्रियों का कहना है कि टिकट की मांग बढ़ने के साथ कुछ ही मिनटों में किराए में बदलाव किया जा रहा है। इससे आखिरी समय में यात्रा करने वाले लोगों की जेब पर सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है।
इंदौर-पुणे बस का किराया फ्लाइट के करीब
इंदौर से पुणे जाने वाले यात्रियों को भी भारी किराया चुकाना पड़ रहा है। सामान्य दिनों में इस रूट पर बस का किराया करीब 1300 से 1500 रुपये रहता है, लेकिन रक्षाबंधन से ठीक पहले कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर यह 2600 से 3000 रुपये तक पहुंच गया। कुछ मामलों में बस का किराया फ्लाइट टिकट के आसपास पहुंच गया है।
भोपाल और इंदौर से रीवा, जबलपुर, ग्वालियर, सिवनी, छिंदवाड़ा और गुना जैसे मध्य प्रदेश के शहरों के लिए भी किराए में बड़ा उछाल देखने को मिला है। कई रूट पर यात्रियों से सामान्य किराए की तुलना में तीन से चार गुना तक राशि वसूले जाने की शिकायतें सामने आई हैं।
ट्रेन में वेटिंग का बस ऑपरेटरों को फायदा
त्योहार के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ है। कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है और कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। ऐसे में मजबूरी में यात्री बसों का रुख कर रहे हैं। बसों की बढ़ी मांग का फायदा उठाकर कई ऑपरेटर किराए में मनमानी बढ़ोतरी कर रहे हैं।
यात्रियों का कहना है कि रक्षाबंधन पर परिवार के साथ घर जाना जरूरी है, इसलिए अधिक किराया देने के बावजूद टिकट खरीदनी पड़ रही है। कई यात्रियों को ज्यादा पैसे देने के बाद भी मनचाही बस या सीट नहीं मिल पा रही है।
सरकार पहले ही बढ़ा चुकी है बसों का किराया
यात्रियों की परेशानी इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि मध्य प्रदेश सरकार ने इसी महीने यात्री बसों के निर्धारित किराए में बढ़ोतरी की थी। नई व्यवस्था में बस की श्रेणी के हिसाब से किराए में 10 से 75 प्रतिशत तक अतिरिक्त राशि तय की गई है। साधारण बस का किराया भी पहले की तुलना में बढ़ाया गया है।
इसके बाद त्योहार के मौके पर सामान्य किराए से दो से चार गुना ज्यादा वसूली की शिकायतें सामने आ रही हैं। यानी यात्रियों पर एक साथ दोहरी मार पड़ रही है—पहले सरकारी किराया बढ़ा और अब त्योहार की भीड़ के नाम पर निजी बसों के किराए में और उछाल आ गया।
आरटीओ ने कार्रवाई का दावा किया
भोपाल आरटीओ के मुताबिक, त्योहार के दौरान मनमाना किराया वसूलने वाली बसों के खिलाफ शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित किराए से अधिक वसूली की शिकायतों की जांच की जाएगी और नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित बस संचालक के खिलाफ कार्रवाई होगी।
फिलहाल रक्षाबंधन से पहले बसों की सीटों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे संभव हो तो पहले से टिकट बुक करें और यात्रा से पहले किराए की तुलना जरूर करें। त्योहार के दिनों में बढ़ती मांग के बीच आखिरी समय की बुकिंग जेब पर काफी भारी पड़ सकती है।