टूटा पैर, बिगड़ा इंटरव्यू और असफल प्रीलिम्स... फिर भी प्राची जैन ने क्रैक की UPSC परीक्षा
कहते हैं कि मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके हौसले मुश्किल हालात में भी नहीं टूटते। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर की प्राची जैन ने इस बात को सच कर दिखाया है। उन्होंने कई मुश्किलों और असफलताओं के बावजूद UPSC Civil Services Examination 2025 में सफलता हासिल की है। प्राची की कहानी उन अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा है, जो एक असफल प्रयास के बाद हिम्मत हार जाते हैं।
टूटे पैर ने बढ़ाई मुश्किल
UPSC की तैयारी के दौरान प्राची जैन को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसी दौरान उनका पैर टूट गया। शारीरिक परेशानी के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं हटाया और तैयारी जारी रखी। उनके लिए यह समय आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों को अपनी राह की रुकावट नहीं बनने दिया।
प्रीलिम्स में भी मिली थी असफलता
प्राची के सफर में असफलता भी आई। वह पहले प्रीलिम्स में सफल नहीं हो सकीं। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए प्रीलिम्स में असफल होना बड़ा झटका माना जाता है। लेकिन प्राची ने इसे अपनी मंजिल का अंत नहीं माना। उन्होंने अपनी कमियों को समझा और दोबारा तैयारी में जुट गईं।
इंटरव्यू भी नहीं रहा उम्मीद के मुताबिक
परीक्षा के अगले चरण में भी प्राची को आसान परिस्थितियां नहीं मिलीं। उनका इंटरव्यू भी उनके मुताबिक अच्छा नहीं गया। इसके बावजूद उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी। लगातार मेहनत और धैर्य के साथ वह अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती रहीं।
आखिरकार मेहनत लाई रंग
टूटे पैर, प्रीलिम्स में असफलता और बिगड़े इंटरव्यू जैसी चुनौतियों के बीच प्राची जैन ने आखिरकार UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में सफलता हासिल कर ली। उनकी यह उपलब्धि बताती है कि किसी परीक्षा में असफलता या मुश्किल परिस्थिति अंतिम परिणाम तय नहीं करती।प्राची जैन की सफलता उन युवाओं के लिए खास संदेश है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उनका सफर बताता है कि असफलता के बाद दोबारा उठकर प्रयास करना ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।