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शिक्षा योजनाओं में खराब प्रदर्शन पर बीआरसीसी निलंबित, दतिया जिले की 37% प्रगति ने बढ़ाई चिंता; कलेक्टर ने की कार्रवाई

 

मध्य प्रदेश के दतिया जिले में शिक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही सामने आने के बाद बड़ी कार्रवाई की गई है। जिले में योजनाओं की प्रगति बेहद कमजोर पाए जाने पर बीआरसीसी (ब्लॉक रिसोर्स सेंटर कोऑर्डिनेटर) को निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर ने समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की है।जानकारी के अनुसार, शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति समीक्षा में दतिया जिले का प्रदर्शन प्रदेश स्तर पर सबसे नीचे पाया गया। रिपोर्ट में जिले की प्रगति केवल 37 प्रतिशत दर्ज की गई, जिसके बाद प्रशासन ने जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की।

समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर हुई कार्रवाई

दतिया कलेक्टर ने शिक्षा योजनाओं की स्थिति को लेकर अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी थी। समीक्षा के दौरान सामने आया कि योजनाओं के लक्ष्य के अनुरूप काम नहीं हो रहा है और कई महत्वपूर्ण गतिविधियों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है।रिपोर्ट में बीआरसीसी स्तर पर लापरवाही और मॉनिटरिंग की कमी सामने आने के बाद संबंधित अधिकारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।

योजनाओं की धीमी रफ्तार से बढ़ी चिंता

शिक्षा विभाग की योजनाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाना और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। लेकिन दतिया में इन योजनाओं की धीमी प्रगति ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।अधिकारियों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्कूलों की निगरानी और योजनाओं की प्रगति को लेकर अब और सख्ती बरती जाएगी।

अन्य अधिकारियों को भी दिए निर्देश

कलेक्टर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए और तय समय सीमा में लक्ष्य पूरे किए जाएं। साथ ही स्कूल स्तर पर नियमित निरीक्षण और मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है।प्रशासन का कहना है कि विद्यार्थियों के हित से जुड़े मामलों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। दतिया में हुई इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जिले में शिक्षा योजनाओं की प्रगति को सुधारने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।