लाखों का बोटोक्स ट्रीटमेंट इंदौर के एमवाय अस्पताल में मुफ्त, लकवे के बाद जकड़े हाथ-पैरों में लौट रही हरकत
लकवे के बाद हाथ-पैरों में जकड़न और मांसपेशियों के खिंचाव से परेशान मरीजों के लिए इंदौर के एमवाय अस्पताल में इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। अस्पताल में बोटोक्स ट्रीटमेंट के जरिए ऐसे मरीजों की मांसपेशियों की जकड़न कम करने और प्रभावित अंगों की गतिविधि बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है। खास बात यह है कि जिस इलाज के लिए निजी अस्पतालों में मरीजों को बड़ी रकम खर्च करनी पड़ सकती है, वह सुविधा एमवाय अस्पताल में मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही है।
लकवे के बाद जकड़ जाते हैं हाथ-पैर
लकवा यानी स्ट्रोक के बाद कई मरीजों के हाथ-पैरों की मांसपेशियां लगातार खिंची हुई या जकड़ी हुई रहने लगती हैं। इस स्थिति के कारण मरीज के लिए हाथ-पैरों को सामान्य तरीके से हिलाना-डुलाना मुश्किल हो जाता है। रोजमर्रा के काम करने में भी परेशानी होती है।
ऐसे मरीजों में बोटुलिनम टॉक्सिन यानी बोटोक्स का इस्तेमाल कुछ परिस्थितियों में मांसपेशियों की अत्यधिक जकड़न को कम करने के लिए किया जाता है। डॉक्टर मरीज की स्थिति का आकलन करने के बाद उपचार की जरूरत तय करते हैं।
लाखों रुपये तक का खर्च, अस्पताल में मुफ्त सुविधा
बोटोक्स आधारित उपचार निजी क्षेत्र में काफी महंगा हो सकता है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए सरकारी अस्पताल में यह सुविधा राहत देने वाली है। एमवाय अस्पताल में योग्य मरीजों को यह उपचार मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है।
उपचार के साथ मरीजों को फिजियोथेरेपी और पुनर्वास की जरूरत भी हो सकती है। डॉक्टरों की निगरानी में इलाज और नियमित एक्सरसाइज के जरिए प्रभावित अंगों की कार्यक्षमता में सुधार लाने का प्रयास किया जाता है।
जकड़े हाथ-पैरों में लौट रही हरकत
अस्पताल में इलाज करा रहे कुछ मरीजों में मांसपेशियों की जकड़न कम होने के बाद प्रभावित हाथ-पैरों की गतिविधि में सुधार देखने को मिल रहा है। इससे मरीजों को रोजमर्रा के काम करने में कुछ आसानी हो सकती है।
हालांकि, हर मरीज में उपचार का परिणाम उसकी बीमारी, लकवे की गंभीरता, प्रभावित मांसपेशियों और अन्य स्वास्थ्य परिस्थितियों पर निर्भर करता है। इसलिए बोटोक्स को हर मरीज के लिए एक समान इलाज नहीं माना जा सकता।
डॉक्टरों की सलाह- इंटरनेट देखकर इलाज न कराएं
डॉक्टरों ने लोगों को इंटरनेट और सोशल मीडिया पर मिलने वाली अधूरी जानकारी के आधार पर खुद से इलाज कराने से बचने की सलाह दी है। बोटोक्स का इस्तेमाल विशेषज्ञ चिकित्सक की जांच और सलाह के बाद ही किया जाना चाहिए।
डॉक्टरों के मुताबिक, लकवे के बाद जकड़न की समस्या वाले मरीजों को समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। उचित जांच के बाद ही यह तय किया जा सकता है कि मरीज के लिए बोटोक्स उपचार उपयोगी है या किसी अन्य उपचार की जरूरत है।
एमवाय अस्पताल में उपलब्ध यह सुविधा ऐसे मरीजों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, जिन्हें महंगे उपचार का खर्च उठाना मुश्किल होता है। इलाज के साथ नियमित फिजियोथेरेपी और डॉक्टरों की सलाह का पालन भी पुनर्वास प्रक्रिया का अहम हिस्सा है।