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BMC के डॉक्टरों का कमाल: 70 वर्षीय महिला के पेट से निकाली 1 किलो की गांठ, जटिल सर्जरी रही सफल

 

बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) के डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी विशेषज्ञता का परिचय देते हुए एक जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की टीम ने 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला के पेट से करीब 1 किलोग्राम वजनी और 15×20 सेंटीमीटर आकार की गांठ निकालकर उन्हें नया जीवन दिया। मरीज की अधिक उम्र और ऑपरेशन से जुड़े जोखिमों के बावजूद डॉक्टरों ने सफल सर्जरी कर बड़ी उपलब्धि हासिल की।

जानकारी के अनुसार, महिला लंबे समय से पेट में गांठ और उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान थीं। जांच में पेट के भीतर बड़ी गांठ होने की पुष्टि हुई। मरीज की उम्र अधिक होने के कारण ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था, क्योंकि इस दौरान जटिलताओं की आशंका भी बनी हुई थी।

डॉक्टरों की टीम ने किया सफल ऑपरेशन

बीएमसी के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मरीज की विस्तृत जांच और स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करने के बाद सर्जरी का निर्णय लिया। अनुभवी चिकित्सकों और एनेस्थीसिया टीम की निगरानी में ऑपरेशन किया गया, जिसमें करीब 1 किलोग्राम वजन की 15×20 सेंटीमीटर आकार की गांठ को सफलतापूर्वक बाहर निकाल दिया गया।

उम्र और बीमारी के बावजूद मिली सफलता

डॉक्टरों के अनुसार, मरीज की उम्र 70 वर्ष होने और लंबे समय से बीमारी से जूझने के कारण सर्जरी काफी चुनौतीपूर्ण थी। ऑपरेशन के दौरान विशेष सावधानी बरती गई ताकि किसी प्रकार की जटिलता न हो। चिकित्सकों की सतर्कता और टीमवर्क के चलते सर्जरी पूरी तरह सफल रही।

स्वस्थ होने पर अस्पताल से मिली छुट्टी

सर्जरी के बाद महिला की स्वास्थ्य स्थिति में लगातार सुधार हुआ। कुछ दिनों तक चिकित्सकीय निगरानी में रखने के बाद उन्हें पूरी तरह स्वस्थ पाए जाने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। महिला और उनके परिजनों ने सफल उपचार के लिए डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन का आभार व्यक्त किया।

बीएमसी की चिकित्सा सेवाओं पर बढ़ा भरोसा

इस सफल ऑपरेशन के बाद बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज की विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं पर लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि आधुनिक चिकित्सा तकनीक, अनुभवी विशेषज्ञों और बेहतर टीमवर्क की बदौलत अब जटिल से जटिल सर्जरी भी सफलतापूर्वक की जा रही हैं, जिससे मरीजों को बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ रहा है।