सतना में वंदे मातरम् विवाद पर भाजपा का मशाल जुलूस, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल समेत मंत्री-सांसद हुए शामिल
सतना में वंदे मातरम् को लेकर चल रहे विवाद के बीच भाजपा ने मशाल जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। जुलूस में मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के साथ मंत्री, सांसद और बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के अनादर का आरोप लगाते हुए विरोध दर्ज कराया।
मशाल जुलूस के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने देशभक्ति के नारे लगाए और वंदे मातरम् के सम्मान का संदेश दिया। नेताओं ने कहा कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान किसी भी राजनीतिक दल से ऊपर है। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं के व्यवहार से राष्ट्रगीत के सम्मान को ठेस पहुंची है और इसी के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया।
जुलूस में शामिल भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हाथों में मशाल लेकर शहर में मार्च किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था भी की गई, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल समेत भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्र और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान के मामले में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने की अपील भी की।
भाजपा नेताओं का कहना है कि वंदे मातरम् देश के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा महत्वपूर्ण राष्ट्रगीत है और इसके प्रति सम्मान की भावना प्रत्येक नागरिक में होनी चाहिए। इसी विचार को लेकर पार्टी ने मशाल जुलूस के जरिए अपना विरोध दर्ज कराया।
वहीं, इस पूरे विवाद को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। दोनों दल अपने-अपने पक्ष को सही बताते हुए एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। सतना में भाजपा के प्रदर्शन के बाद स्थानीय राजनीतिक माहौल और गर्म होने की संभावना है।
मशाल जुलूस के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने एकजुटता दिखाते हुए राष्ट्रगीत के सम्मान की बात कही। भाजपा नेताओं ने कहा कि देशभक्ति और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े विषयों पर समाज में जागरूकता बनाए रखना जरूरी है।
फिलहाल वंदे मातरम् को लेकर शुरू हुआ विवाद राजनीतिक रूप ले चुका है। सतना में भाजपा के मशाल जुलूस में डिप्टी सीएम, मंत्री और सांसदों की मौजूदगी ने इसे और महत्वपूर्ण बना दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर दोनों प्रमुख दलों के बीच बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।