वंदे मातरम् के विरोध पर भाजपा का प्रदर्शन, नेताओं ने कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
वंदे मातरम् को लेकर चल रहे विवाद के बीच भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रानी अवंती चौक पर प्रदर्शन किया। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए वंदे मातरम् के कथित विरोध को देश की जनता का अपमान बताया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस को हिंदू विरोधी बताते हुए नारेबाजी की गई और राष्ट्रगीत के सम्मान की मांग उठाई गई।
भाजपा नेताओं ने कहा कि वंदे मातरम् भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और देश की राष्ट्रीय भावना से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रगीत को लेकर कांग्रेस की ओर से अपनाए गए रुख से देश के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। इसी के विरोध में पार्टी कार्यकर्ताओं ने रानी अवंती चौक पर एकत्र होकर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने हाथों में तिरंगा लेकर नारे लगाए। नेताओं ने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रगीत का सम्मान सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों की जिम्मेदारी है। उनका कहना था कि राष्ट्रगीत के सम्मान के मुद्दे को राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर हिंदू विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी को देश की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से वंदे मातरम् को लेकर अपना रुख स्पष्ट करने और कथित विरोध के लिए माफी मांगने की मांग की।
प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर सुरक्षा व्यवस्था भी की गई। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शन स्थल पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर रखी। कार्यकर्ताओं ने कुछ समय तक नारेबाजी करते हुए कांग्रेस के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
भाजपा नेताओं ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं बल्कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान लोगों में राष्ट्रभक्ति की भावना जगाने वाला महत्वपूर्ण राष्ट्रगीत रहा है। उन्होंने कहा कि इसके सम्मान को लेकर किसी भी तरह की टिप्पणी या विरोध को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
वहीं, भाजपा के आरोपों पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। दोनों दलों के बीच वंदे मातरम् को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर हुए प्रदर्शन के बाद इस मुद्दे पर विवाद और बढ़ने की संभावना है।
रानी अवंती चौक पर हुए प्रदर्शन में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रगीत के सम्मान की बात दोहराई। उन्होंने कांग्रेस से अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की। फिलहाल वंदे मातरम् को लेकर जारी विवाद ने स्थानीय राजनीति में भी माहौल गरमा दिया है और आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो सकते हैं।