आदिवासी किसान का ट्रैक्टर जब्त होने पर धरने पर बैठे BJP विधायक, 200 से ज्यादा ग्रामीण पहुंचे वन विभाग कार्यालय
मध्य प्रदेश के सतना जिले में आदिवासी किसान का ट्रैक्टर जब्त किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। किसान के समर्थन में भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार खुद वन विभाग के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। विधायक के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और ट्रैक्टर जब्त किए जाने का विरोध किया।
बताया जा रहा है कि वन विभाग की कार्रवाई के बाद आदिवासी किसान का ट्रैक्टर जब्त कर लिया गया था। इसकी जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार ग्रामीणों के साथ वन विभाग कार्यालय पहुंचे। विधायक ने किसान के ट्रैक्टर को जब्त किए जाने की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए अधिकारियों से मामले की जानकारी ली।
200 से ज्यादा ग्रामीण विधायक के साथ पहुंचे
विधायक के धरने पर बैठने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वन विभाग कार्यालय पहुंच गए। मौके पर 200 से ज्यादा ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने किसान के समर्थन में आवाज उठाई और वन विभाग की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए।
विधायक का कहना है कि किसान की समस्या को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और पूरे मामले की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होनी चाहिए। धरने के दौरान विधायक ने वन विभाग के अधिकारियों से ट्रैक्टर जब्त किए जाने का आधार और कार्रवाई की वजह स्पष्ट करने की मांग की।
वन विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल
मामले को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि किसान के लिए ट्रैक्टर खेती-किसानी का महत्वपूर्ण साधन है। ऐसे में ट्रैक्टर जब्त होने से उसकी खेती प्रभावित हो सकती है। ग्रामीणों ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि कार्रवाई में कोई गलती हुई है तो किसान को राहत दी जाए।
वहीं, वन विभाग की ओर से ट्रैक्टर किस आधार पर जब्त किया गया, इस संबंध में विभागीय पक्ष और कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज सामने आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी। वन विभाग आमतौर पर जंगल या वन भूमि से जुड़े नियमों के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई करता है।
विधायक के धरने से बढ़ा मामला
भाजपा विधायक के खुद धरने पर बैठने और उनके साथ 200 से अधिक ग्रामीणों के पहुंचने से मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा में आ गया है। धरने के दौरान ग्रामीणों ने किसान के पक्ष में अपनी मांगें रखीं। विधायक ने भी अधिकारियों से बातचीत कर मामले का समाधान निकालने की मांग की।
फिलहाल विवाद का केंद्र वन विभाग की ओर से ट्रैक्टर जब्त किए जाने की कार्रवाई है। अब देखना होगा कि विभाग इस मामले में क्या स्पष्टीकरण देता है और किसान का ट्रैक्टर वापस किया जाता है या कार्रवाई आगे जारी रहती है।