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मुलताई नगर पालिका में भाजपा-कांग्रेस पार्षदों का धरना, CMO भी जमीन पर बैठकर सुनी समस्याएं; अधूरे काम पूरे करने की मांग

 

मध्य प्रदेश के मुलताई नगर पालिका में अधूरे विकास कार्यों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने धरना दिया। पार्षदों ने नगर में लंबे समय से अधूरे पड़े कामों को पूरा कराने की मांग उठाई। धरने के दौरान नगर पालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने जमीन पर बैठकर पार्षदों की समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों पर चर्चा की।

नगर पालिका में दोनों प्रमुख दलों के पार्षदों के एक साथ धरने पर बैठने से शहर के विकास कार्यों का मुद्दा चर्चा में आ गया। पार्षदों का कहना था कि नगर में कई काम अधूरे पड़े हैं, जिन्हें समय पर पूरा किया जाना जरूरी है। इन कार्यों के लंबित रहने से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

अधूरे विकास कार्य पूरे कराने की मांग

धरने पर बैठे भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने नगर पालिका से अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने की मांग की। पार्षदों ने संबंधित समस्याओं पर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया और लंबित कामों की स्थिति स्पष्ट करने की जरूरत बताई।

पार्षदों की मांग थी कि विकास कार्यों को लेकर ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि नागरिकों को राहत मिल सके। नगर पालिका क्षेत्र में विकास कार्यों की प्रगति और उन्हें पूरा करने की समयसीमा को लेकर भी जवाबदेही महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

CMO ने जमीन पर बैठकर सुनी समस्याएं

धरने के दौरान CMO भी पार्षदों के बीच पहुंचे। उन्होंने जमीन पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान अधूरे कामों और नगर पालिका से जुड़ी मांगों पर चर्चा हुई। अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने के बाद पार्षदों ने लंबित कार्यों को पूरा कराने पर जोर दिया।

CMO के मौके पर पहुंचकर समस्याएं सुनने से धरने के दौरान बातचीत का रास्ता खुला। हालांकि, किन-किन विकास कार्यों को लेकर सबसे ज्यादा नाराजगी थी और उन्हें पूरा करने के लिए क्या समयसीमा तय की गई, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

शहर के विकास कार्यों पर टिकी निगाहें

मुलताई नगर पालिका में भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों का संयुक्त रूप से धरना देना स्थानीय निकाय में विकास कार्यों को लेकर उठ रहे सवालों को सामने लाता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्षदों की मांगों पर नगर पालिका प्रशासन क्या कदम उठाता है और अधूरे काम कब तक पूरे किए जाते हैं।

फिलहाल, पार्षदों ने अधूरे विकास कार्यों को पूरा कराने की मांग उठाई है। प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई और कार्यों की समयसीमा को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है।