ईओडब्ल्यू की जांच में बड़ा खुलासा: लोन मंजूर होने से पहले ही पूरा दिखाया काम, कागजों पर पॉलीहाउस बनाकर 9.70 करोड़ का गबन
आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की जांच में कथित तौर पर पॉलीहाउस निर्माण से जुड़े बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि जिन पॉलीहाउस परियोजनाओं के लिए बैंक से लोन मंजूर कराया गया, उनमें कई मामलों में लोन स्वीकृत होने से पहले ही काम पूरा दिखा दिया गया। इतना ही नहीं, दस्तावेजों में पॉलीहाउस तैयार होने का उल्लेख कर उसके आधार पर बैंक से राशि जारी कराई गई। जांच के अनुसार इस पूरे मामले में करीब 9.70 करोड़ रुपए के गबन का आरोप सामने आया है।
जांच एजेंसी को दस्तावेजों की जांच के दौरान परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति और कागजों में दर्ज जानकारी के बीच अंतर मिला। आरोप है कि कुछ मामलों में पॉलीहाउस निर्माण के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही उन्हें तैयार दर्शाया गया। इसके बाद संबंधित दस्तावेजों और प्रमाणों के आधार पर बैंक से लोन की राशि जारी कराई गई।
ईओडब्ल्यू की जांच में यह भी सामने आया कि कागजों पर पॉलीहाउस का निर्माण पूरा दिखाने के लिए विभिन्न दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। इन दस्तावेजों के आधार पर परियोजनाओं को वास्तविक रूप से पूरा हुआ बताया गया, जबकि जांच के दौरान इन दावों पर सवाल उठे। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही और किस स्तर पर नियमों की अनदेखी की गई।
मामले में करोड़ों रुपए की बैंक राशि से जुड़े लेनदेन भी जांच के दायरे में हैं। ईओडब्ल्यू अधिकारियों द्वारा संबंधित रिकॉर्ड, बैंक दस्तावेज, परियोजना से जुड़े कागजात और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि लोन की राशि किस तरह जारी हुई और बाद में उसका इस्तेमाल किन कार्यों में किया गया।
जांच में कथित अनियमितताओं के सामने आने के बाद इस मामले ने पॉलीहाउस परियोजनाओं की निगरानी और सरकारी-बैंकिंग प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं। जांच एजेंसी अब संबंधित अधिकारियों, लाभार्थियों और अन्य लोगों से पूछताछ कर सकती है। दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन के आधार पर जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया जारी है।
ईओडब्ल्यू की जांच पूरी होने के बाद मामले में शामिल लोगों की भूमिका और कथित गबन की पूरी तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल करीब 9.70 करोड़ रुपए की राशि से जुड़े इस मामले में जांच एजेंसी विभिन्न रिकॉर्ड और साक्ष्यों को खंगाल रही है।