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भिंड में SDO-रेंजर विवाद के बाद बड़ा फैसला: लकड़ी परिवहन की ऑफलाइन टीपी पर रोक, अब पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

 

मध्य प्रदेश के भिंड जिले में वन विभाग से जुड़े एक विवाद के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अब जिले में लकड़ी परिवहन के लिए जारी होने वाली ऑफलाइन टीपी (ट्रांजिट परमिट) पर रोक लगा दी गई है। लकड़ी के परिवहन की अनुमति प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है।

यह फैसला SDO और रेंजर के बीच हुए विवाद के बाद लिया गया है। प्रशासन को मिली शिकायतों की जांच भी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और अनियमितताओं पर रोक लग सकेगी।

ऑफलाइन परमिट व्यवस्था पर उठे थे सवाल

जानकारी के अनुसार, भिंड में लकड़ी परिवहन से जुड़ी टीपी जारी करने की प्रक्रिया को लेकर शिकायतें सामने आई थीं। इसी दौरान SDO और रेंजर के बीच विवाद का मामला भी सामने आया।

मामले के बाद वन विभाग और प्रशासन ने व्यवस्था की समीक्षा की। इसके बाद ऑफलाइन माध्यम से जारी होने वाली टीपी को बंद करने का निर्णय लिया गया।

अब ऑनलाइन होगी पूरी प्रक्रिया

नई व्यवस्था के तहत लकड़ी परिवहन की अनुमति के लिए सभी आवेदन और प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जाएगी। इससे रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और अधिकारियों की निगरानी भी आसान होगी।

ऑनलाइन प्रक्रिया में आवेदन से लेकर अनुमति जारी होने तक की पूरी जानकारी दर्ज रहेगी। इससे किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर जांच करना भी आसान होगा।

शिकायतों की चल रही जांच

अधिकारियों के अनुसार, SDO-रेंजर विवाद और अन्य शिकायतों की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि वन विभाग के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना प्राथमिकता है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अवैध लकड़ी परिवहन पर लगेगी रोक

वन विभाग का मानना है कि ऑनलाइन टीपी व्यवस्था लागू होने से अवैध लकड़ी परिवहन पर भी नियंत्रण लगाया जा सकेगा। सभी वाहनों और लकड़ी की आवाजाही का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से उपलब्ध रहेगा।

भिंड में लागू की गई यह नई व्यवस्था वन विभाग की कार्यप्रणाली में बदलाव का संकेत मानी जा रही है। अब विभाग की नजर ऑनलाइन सिस्टम को प्रभावी तरीके से लागू करने और शिकायतों के निपटारे पर रहेगी।