मध्य प्रदेश में फेसलेस रजिस्ट्री को लेकर बड़ा बदलाव, अब किसी भी जिले के दस्तावेजों का पंजीयन कर सकेंगे सब-रजिस्ट्रार
मध्य प्रदेश सरकार ने फेसलेस रजिस्ट्री व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, तेज और सुविधाजनक बनाने के लिए नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत अब प्रदेश का कोई भी सब-रजिस्ट्रार किसी भी जिले की फेसलेस रजिस्ट्री और अन्य फेसलेस दस्तावेजों का पंजीयन कर सकेगा। सरकार का उद्देश्य पंजीयन प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ लंबित मामलों को जल्द से जल्द निपटाना है।
इस बदलाव से प्रदेश में संपत्ति और अन्य दस्तावेजों के पंजीयन की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। पहले किसी विशेष जिले से संबंधित पंजीयन कार्य के लिए संबंधित क्षेत्र के कार्यालय पर निर्भरता रहती थी। नई व्यवस्था में इस सीमा को कम किया जा रहा है, जिससे उपलब्ध अधिकारियों और कार्यालयों की क्षमता का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकेगा।
किसी भी जिले का कर सकेंगे पंजीयन
नई व्यवस्था के तहत सब-रजिस्ट्रार को किसी एक जिले तक सीमित नहीं रखा जाएगा। प्रदेश में तैनात कोई भी सब-रजिस्ट्रार फेसलेस प्रणाली के तहत दूसरे जिले से संबंधित दस्तावेजों का भी पंजीयन कर सकेगा।
इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जिस जिले में पंजीयन का दबाव अधिक है, वहां लंबित मामलों को दूसरे जिलों में उपलब्ध अधिकारियों की मदद से निपटाया जा सकेगा। इससे काम का बोझ अलग-अलग कार्यालयों के बीच बांटने में मदद मिलेगी।
लंबित मामलों के निपटारे पर जोर
सरकार का मुख्य उद्देश्य फेसलेस रजिस्ट्री से जुड़े लंबित मामलों की संख्या कम करना है। कई बार किसी कार्यालय में काम का दबाव अधिक होने के कारण दस्तावेजों के पंजीयन में समय लग जाता है। नई व्यवस्था से इस समस्या को दूर करने की कोशिश की जा रही है।
अधिकारियों की उपलब्धता के आधार पर फेसलेस दस्तावेजों का पंजीयन कराया जा सकेगा। इससे प्रक्रिया में तेजी आने और लोगों को दस्तावेज पंजीयन के लिए कम इंतजार करना पड़ने की उम्मीद है।
लोगों को मिलेगा सुविधा का लाभ
फेसलेस रजिस्ट्री का उद्देश्य पंजीयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद लोगों को पंजीयन प्रक्रिया में तेजी का फायदा मिल सकता है।
सरकार का मानना है कि अधिकारियों को प्रदेशभर के फेसलेस दस्तावेजों के पंजीयन की अनुमति देने से संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और किसी एक कार्यालय पर काम का अत्यधिक दबाव नहीं रहेगा।
मध्य प्रदेश सरकार के इस बदलाव से फेसलेस रजिस्ट्री व्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है। अब यह व्यवस्था कितनी प्रभावी साबित होती है और लंबित पंजीयन मामलों में कितनी कमी आती है, यह इसके क्रियान्वयन के बाद स्पष्ट होगा।