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भोपाल की सड़कें 3 दिन की बारिश में ही छलनी: अटल पथ से एमपी नगर तक जगह-जगह गड्ढे, कांग्रेस ने दी प्रदर्शन की चेतावनी

 

राजधानी भोपाल की सड़कें महज तीन दिन की बारिश भी नहीं सहन कर पाईं। लगातार बारिश के बाद शहर की प्रमुख सड़कों से लेकर कॉलोनियों की अंदरूनी सड़कें तक खस्ताहाल नजर आने लगी हैं। कहीं सड़क से डामर की परत उखड़ गई है तो कहीं बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इससे वाहन चालकों और राहगीरों की परेशानी बढ़ गई है। सड़कों की स्थिति को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है।

अटल पथ, लिंक रोड नंबर-2, एमपी नगर, न्यू मार्केट और रोशनपुरा जैसे प्रमुख इलाकों में बारिश के बाद सड़कें खराब दिखाई दे रही हैं। कई जगह सड़क की ऊपरी परत उखड़ने से गिट्टी बाहर आ गई है। गड्ढों में बारिश का पानी भरने के कारण वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा नहीं लग पा रहा है।

तीन दिन की बारिश में खुली सड़क निर्माण की पोल

भोपाल में मानसून के दौरान बारिश कोई असामान्य घटना नहीं है। इसके बावजूद कुछ ही दिनों की बारिश के बाद सड़कों के खराब होने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि सामान्य बारिश में ही सड़क की परत उखड़ने लगे और गड्ढे बनने लगें तो सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और गुणवत्ता की जांच जरूरी है।

सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई दिखाई नहीं देती। ऐसे में अचानक गड्ढे में पहिया जाने से वाहन असंतुलित होने और दुर्घटना होने का खतरा बना हुआ है।

अटल पथ और लिंक रोड नंबर-2 भी बदहाल

शहर के प्रमुख मार्ग अटल पथ और लिंक रोड नंबर-2 पर भी कई स्थानों पर सड़क की हालत खराब होने की शिकायत सामने आई है। एमपी नगर, न्यू मार्केट और रोशनपुरा क्षेत्र में भी बारिश के बाद सड़क की सतह प्रभावित हुई है।

वहीं, कई कॉलोनियों की अंदरूनी सड़कों पर भी जलभराव के कारण स्थिति खराब हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से सड़कें ज्यादा क्षतिग्रस्त हो रही हैं।

कांग्रेस ने उठाए सवाल, प्रदर्शन की चेतावनी

सड़कों की हालत को लेकर कांग्रेस ने जिम्मेदार विभागों पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राजधानी की प्रमुख सड़कों का कुछ ही दिनों की बारिश में खराब होना गंभीर विषय है।

कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि सड़कों की स्थिति में सुधार नहीं किया गया और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब नहीं लिया गया तो पार्टी प्रदर्शन करेगी।

बारिश के बाद मरम्मत की चुनौती

लगातार बारिश के बीच सड़कों की तत्काल मरम्मत करना भी चुनौती बना हुआ है। हालांकि जिन स्थानों पर बड़े गड्ढे हो गए हैं, वहां हादसे रोकने के लिए तत्काल सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं। बारिश का दौर थमने के बाद स्थायी मरम्मत और सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच की मांग भी उठ रही है।

फिलहाल भोपाल की सड़कों की बदहाली ने नगर निगम और संबंधित विभागों के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। अब देखना होगा कि प्रशासन सड़कों की मरम्मत के साथ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच को लेकर क्या कदम उठाता है।