भोपाल भी पहुंचा ‘नर्वस नाइंटीज’ में: शहर के जल उत्सव का आंकड़ा 90 के पार, अब शतक का इंतजार
जैसे क्रिकेट में कोई बल्लेबाज 90 रन पार करते ही शतक के करीब पहुंचकर ‘नर्वस नाइंटीज’ में पहुंच जाता है, ठीक वैसी ही स्थिति इन दिनों भोपाल की है। फर्क सिर्फ इतना है कि यहां मुकाबला क्रिकेट की पिच पर नहीं, बल्कि शहर के अपने ‘जल उत्सव’ से जुड़ा है। जल संरक्षण और बारिश से जुड़े इस अभियान का आंकड़ा अब 90 के पार पहुंच चुका है और शहर शतक के आंकड़े की ओर बढ़ रहा है।
भोपाल की पहचान तालाबों के शहर के रूप में रही है। बड़े तालाब समेत शहर में मौजूद जलस्रोतों ने वर्षों से राजधानी की पहचान को मजबूत किया है। ऐसे में बारिश के मौसम में जलस्रोतों का भरना और जल संरक्षण से जुड़े आंकड़ों में बढ़ोतरी शहरवासियों के लिए खास मायने रखती है।
शतक के करीब पहुंचा आंकड़ा
इस साल बारिश के दौरान शहर में जिस तरह जलस्रोतों और जल संचयन को लेकर गतिविधियां हुई हैं, उसने आंकड़े को 90 के पार पहुंचा दिया है। अब लोगों की नजरें उस आंकड़े पर हैं, जब यह 100 यानी शतक के स्तर तक पहुंचेगा।
क्रिकेट की भाषा में कहें तो भोपाल का ‘जल उत्सव’ अब नर्वस नाइंटीज में है। 90 के बाद हर अगला आंकड़ा शहर को शतक के और करीब ले जा रहा है।
बारिश और जल संरक्षण पर नजर
मानसून के दौरान भोपाल में बारिश का पानी शहर के तालाबों, जलाशयों और अन्य जलस्रोतों तक पहुंचता है। बारिश के पानी का संरक्षण भूजल स्तर बनाए रखने के साथ-साथ भविष्य की जल जरूरतों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
शहर में जल संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक करने और जलस्रोतों को सुरक्षित रखने की कोशिशें भी की जाती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल बारिश का पानी जमा होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका सही तरीके से संरक्षण और उपयोग भी जरूरी है।
तालाबों के शहर में ‘जल उत्सव’ का खास महत्व
भोपाल को तालाबों का शहर कहा जाता है। यहां के जलस्रोत न केवल शहर की खूबसूरती बढ़ाते हैं, बल्कि पर्यावरण और जलापूर्ति व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यही वजह है कि बारिश के मौसम में पानी से जुड़े आंकड़े और जलस्रोतों की स्थिति शहर में विशेष चर्चा का विषय बन जाती है।
अब जब ‘जल उत्सव’ का आंकड़ा 90 के पार पहुंच चुका है, तो शहरवासियों को शतक का इंतजार है। जिस तरह बल्लेबाज 90 के बाद हर रन के साथ शतक की उम्मीद बढ़ाता है, उसी तरह भोपाल भी अब 100 के आंकड़े की ओर बढ़ रहा है।