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फ्रैक्चर पैर पर कागज का गत्ता लगाकर बांधी पट्टी: सरकारी अस्पताल में घायल का ‘जुगाड़’ इलाज, हालत गंभीर होने पर सतना रेफर

 

सरकारी अस्पताल में घायल मरीज के इलाज का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां फ्रैक्चर हुए पैर को सहारा देने के लिए प्लास्टर की जगह कागज के गत्ते का इस्तेमाल कर पट्टी बांध दी गई। इलाज की यह तस्वीर सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। प्राथमिक उपचार के बाद मरीज को बेहतर इलाज के लिए सतना रेफर कर दिया गया।

जानकारी के मुताबिक, घायल व्यक्ति पैर में गंभीर चोट लगने के बाद इलाज के लिए सरकारी अस्पताल पहुंचा था। जांच के दौरान पैर में फ्रैक्चर की बात सामने आई। इसके बाद अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों ने पैर को स्थिर रखने के लिए कागज के गत्ते का सहारा लिया और उसके ऊपर पट्टी बांध दी।

प्लास्टर की जगह गत्ते का इस्तेमाल

मरीज के फ्रैक्चर वाले पैर पर गत्ता लगाकर पट्टी बांधे जाने का मामला सामने आने के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। आमतौर पर फ्रैक्चर के मामलों में डॉक्टर की जांच के बाद मरीज को आवश्यकतानुसार प्लास्टर या अन्य चिकित्सकीय सपोर्ट दिया जाता है। लेकिन यहां कथित तौर पर गत्ते का इस्तेमाल किया गया।

इलाज के दौरान मरीज और उसके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल में उचित सुविधा उपलब्ध नहीं होने या बेहतर उपचार की जरूरत को देखते हुए मरीज को सतना रेफर कर दिया गया।

सतना के लिए किया गया रेफर

प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने मरीज को आगे के इलाज के लिए सतना भेजने का फैसला किया। रेफर किए जाने के बाद परिजन मरीज को लेकर सतना रवाना हुए। वहां फ्रैक्चर की स्थिति की दोबारा जांच और आवश्यक उपचार किए जाने की बात कही गई है।

अस्पताल की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

इस घटना के सामने आने के बाद सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि गंभीर चोट के मामलों में अस्पतालों में पर्याप्त संसाधन और जरूरी चिकित्सा सामग्री उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि मरीजों को समय पर उचित इलाज मिल सके।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि फ्रैक्चर के मरीज को गत्ते से पट्टी बांधने की जरूरत क्यों पड़ी और अस्पताल में प्लास्टर या अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध थी या नहीं। मामले में अस्पताल प्रबंधन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।