बालाघाट पुलिस ने 3 आत्मसमर्पित नक्सलियों को सुकमा पुलिस को सौंपा, पुनर्वास नीति के तहत गृह जिले पहुंचे
बालाघाट पुलिस ने सरकार की पुनर्वास नीति के तहत तीन आत्मसमर्पित नक्सलियों को उनके गृह जिले पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की है। गुरुवार रात पुलिस ने तीनों को सुकमा पुलिस के सुपुर्द कर दिया। इनमें सुरेंद्र उर्फ सोमा उर्फ कबीर सोढी, नवीन नुप्पो उर्फ हिडमा और विक्रम उर्फ हिडमा वट्टी शामिल हैं। तीनों नक्सलियों ने पहले आत्मसमर्पण किया था और अब पुनर्वास नीति के तहत उन्हें उनके गृह जिले सुकमा भेजा गया है।
पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए सरकार की ओर से पुनर्वास योजना लागू की गई है। इसके तहत आत्मसमर्पण करने वाले लोगों को सुरक्षा, पुनर्वास और समाज में दोबारा सामान्य जीवन शुरू करने का अवसर देने की कोशिश की जाती है।
सुकमा पुलिस को किया गया सुपुर्द
बालाघाट पुलिस ने गुरुवार रात आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों आत्मसमर्पित नक्सलियों को सुकमा पुलिस के अधिकारियों के सुपुर्द किया। इसके बाद तीनों अपने गृह जिले पहुंच गए।
पुलिस और प्रशासन की ओर से आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सुरक्षित तरीके से उनके गृह क्षेत्र तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वे पुनर्वास प्रक्रिया के तहत अपने परिवार और समाज के बीच लौट सकें।
तीनों नक्सलियों की हुई पहचान
पुलिस के अनुसार गृह जिले भेजे गए नक्सलियों में सुरेंद्र उर्फ सोमा उर्फ कबीर सोढी, नवीन नुप्पो उर्फ हिडमा और विक्रम उर्फ हिडमा वट्टी शामिल हैं। तीनों का संबंध सुकमा जिले से बताया गया है।
आत्मसमर्पण के बाद वे बालाघाट पुलिस के संपर्क में थे। अब उन्हें संबंधित जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। आगे की प्रक्रिया सुकमा पुलिस और स्थानीय प्रशासन के स्तर पर पूरी की जाएगी।
पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा में वापसी
सरकार की पुनर्वास नीति का उद्देश्य नक्सली गतिविधियों से अलग होकर आत्मसमर्पण करने वाले लोगों को समाज की मुख्यधारा में वापस लाना है। इसके तहत पात्र लोगों को विभिन्न प्रकार की सहायता और पुनर्वास से जुड़े लाभ दिए जाने का प्रावधान है।
पुलिस का कहना है कि आत्मसमर्पण करने वाले लोगों के लिए सामान्य जीवन की ओर लौटने का रास्ता तैयार करना पुनर्वास नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे वे अपने परिवार के बीच रहकर आगे का जीवन शुरू कर सकते हैं।
गृह जिले पहुंचने के बाद आगे की प्रक्रिया
तीनों आत्मसमर्पित नक्सलियों के गृह जिले पहुंचने के बाद अब स्थानीय स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। संबंधित पुलिस और प्रशासन उनके पुनर्वास से जुड़े मामलों को आगे बढ़ाएंगे।
बालाघाट पुलिस की ओर से तीनों को सुकमा पुलिस के सुपुर्द किए जाने के बाद उनकी सुरक्षित वापसी का रास्ता साफ हुआ है। पुलिस और प्रशासन का प्रयास है कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार की नीति के तहत निर्धारित सुविधाएं और सहायता उपलब्ध कराई जाए।
तीनों के गृह जिले पहुंचने के साथ ही अब उनके पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा में वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। पुलिस की इस कार्रवाई को आत्मसमर्पण के बाद पुनर्वास नीति को लागू करने की प्रक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है।