बाबा महाकाल का बिल्वपत्र, मुकुट और रुद्राक्ष माला से दिव्य शृंगार, गणेश-कार्तिकेय और माता पार्वती की पूजा-अर्चना
उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल का बिल्वपत्र, मुकुट और रुद्राक्ष की माला से आकर्षक शृंगार किया गया। इस दौरान भगवान महाकाल के साथ भगवान गणेश, भगवान कार्तिकेय और माता पार्वती की भी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। पूजन के बाद बाबा महाकाल को फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया।
बिल्वपत्र और रुद्राक्ष से सजे बाबा महाकाल
पूजा के दौरान बाबा महाकाल को बिल्वपत्र अर्पित किए गए। इसके साथ ही मुकुट और रुद्राक्ष की माला से उनका शृंगार किया गया। भगवान शिव की पूजा में बिल्वपत्र और रुद्राक्ष का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।
भगवान गणेश, कार्तिकेय और माता पार्वती का पूजन
बाबा महाकाल की पूजा के साथ भगवान गणेश, भगवान कार्तिकेय और माता पार्वती की भी आराधना की गई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान गणेश विघ्नों को दूर करने वाले, भगवान कार्तिकेय शक्ति और साहस के प्रतीक तथा माता पार्वती करुणा और मातृत्व का स्वरूप मानी जाती हैं।
फल-मिष्ठान का लगाया भोग
पूजन के दौरान बाबा महाकाल को फल और मिष्ठान अर्पित किए गए। धार्मिक परंपरा में भगवान को भोग लगाने के बाद प्रसाद वितरित किया जाता है। मंदिर में होने वाली नियमित पूजा-अर्चना और शृंगार परंपराएं श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र हैं।
बाबा महाकाल के दिव्य शृंगार और पूजन के माध्यम से भक्त भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं। उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में शामिल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।