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शाजापुर में फूलों की आवक बढ़ी, किसानों को नहीं मिल रहे उचित दाम; लागत निकालना भी मुश्किल

 

मध्य प्रदेश के शाजापुर में राजराजेश्वरी माता मंदिर परिसर में लगने वाली थोक फूल मंडी में इन दिनों फूलों की आवक बढ़ गई है। बाजार में बड़ी मात्रा में फूल पहुंचने के कारण किसानों को उनकी उपज के उचित दाम नहीं मिल पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि इस बार खेतों में फूलों की पैदावार अच्छी हुई है, लेकिन बाजार में कम भाव मिलने से लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है।

दीपावली के आसपास फूलों की मांग बढ़ने की उम्मीद में किसानों ने खेती पर मेहनत और खर्च किया था। हालांकि, मंडी में आवक बढ़ने के कारण उन्हें अपेक्षित कीमत नहीं मिल रही है। इससे फूल उत्पादक किसानों की कमाई प्रभावित हो रही है।

मंडी में बढ़ी फूलों की आवक

राजराजेश्वरी माता मंदिर परिसर में लगने वाली थोक फूल मंडी शाजापुर और आसपास के क्षेत्रों के किसानों के लिए उपज बेचने का प्रमुख स्थान है। इन दिनों यहां फूलों की आवक बढ़ने से बाजार में आपूर्ति अधिक हो गई है। जब मंडी में फूलों की मात्रा बढ़ जाती है और उसके मुकाबले मांग कम रहती है, तो कीमतों पर दबाव पड़ता है।

किसानों के मुताबिक, इस बार मौसम और खेती के अनुकूल परिस्थितियों के चलते पैदावार अच्छी हुई है। लेकिन अधिक उपज होने के बावजूद उन्हें इसका आर्थिक लाभ नहीं मिल पा रहा है। कम कीमत पर फूल बेचने के कारण उनकी मेहनत और खेती में लगाए गए पैसे का पूरा मूल्य नहीं मिल रहा।

लागत निकालने में आ रही परेशानी

फूलों की खेती में बीज या पौधे, खाद, कीटनाशक, सिंचाई, मजदूरी और परिवहन पर खर्च करना पड़ता है। फूलों को तोड़ने और मंडी तक पहुंचाने में भी समय और पैसा लगता है। ऐसे में जब बाजार में भाव कम मिलते हैं, तो किसानों के सामने लागत की भरपाई करना चुनौती बन जाता है।

फूल जल्दी खराब होने वाली उपज है। इसलिए किसान उन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखकर बेहतर भाव मिलने का इंतजार भी नहीं कर सकते। मजबूरी में कम कीमत पर बिक्री करने से उनकी आय पर सीधा असर पड़ता है।

अच्छी पैदावार के बाद भी किसानों की चिंता

किसानों का कहना है कि अच्छी पैदावार के बावजूद कम भाव मिलने से इस बार उम्मीद के मुताबिक कमाई नहीं हो पा रही है। यदि फूलों की मांग में बढ़ोतरी नहीं हुई या कीमतों में सुधार नहीं आया, तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

फिलहाल मंडी में फूलों की आवक बढ़ने और कम दाम मिलने से किसान परेशान हैं। हालांकि, अलग-अलग फूलों के वर्तमान भाव, रोजाना होने वाली आवक और मांग के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। इनकी जानकारी सामने आने पर किसानों की स्थिति का अधिक स्पष्ट आकलन किया जा सकेगा।