भोपाल में आर्मी डे परेड से बदलेगी भेल क्षेत्र की सड़कों की सूरत, टी-90 भीष्म और अर्जुन टैंक के लिए मजबूत होगा रूट
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 15 जनवरी को होने वाली ऐतिहासिक आर्मी डे परेड की तैयारियों के बीच भेल क्षेत्र की जर्जर सड़कों की सूरत भी बदलने वाली है। मुख्य समारोह को देखते हुए सैन्य काफिले के रूट को मजबूत किया जा रहा है, ताकि भारी-भरकम टी-90 भीष्म और अर्जुन जैसे युद्धक टैंक आसानी से आवाजाही कर सकें। इस आयोजन के बहाने लंबे समय से खराब हालत में पड़ी सड़कों की मरम्मत और सुधार का काम भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
भारी सैन्य वाहनों के लिए मजबूत होगा सड़क मार्ग
आर्मी डे परेड में सैन्य वाहनों और आधुनिक युद्धक उपकरणों का प्रदर्शन प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहता है। टी-90 भीष्म और अर्जुन जैसे भारी टैंकों के आवागमन के लिए सड़क की मजबूती बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए सैन्य काफिले के निर्धारित मार्ग पर सड़क की स्थिति सुधारने पर जोर दिया जा रहा है।
भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान सड़क पर अधिक दबाव पड़ता है। ऐसे में मार्ग की मजबूती, सतह की गुणवत्ता और जरूरी मरम्मत का विशेष ध्यान रखना होगा, ताकि परेड के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
भेल क्षेत्र की जर्जर सड़कों को मिलेगी राहत
भेल क्षेत्र की कई सड़कों की खराब हालत स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण रही है। सड़कें जर्जर होने से वाहन चालकों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आर्मी डे परेड की तैयारियों के तहत इन सड़कों को सुधारने का काम होने से क्षेत्र के लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
आमतौर पर बड़े सार्वजनिक आयोजनों के लिए बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त किया जाता है। भोपाल में होने वाली इस परेड के लिए सड़क मार्ग को बेहतर बनाने की कवायद से स्थानीय यातायात व्यवस्था को भी फायदा हो सकता है।
15 जनवरी को होगा मुख्य समारोह
भोपाल में 15 जनवरी को प्रस्तावित आर्मी डे परेड को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। समारोह में सैन्य काफिले और युद्धक टैंकों की आवाजाही के लिए रूट को उपयुक्त बनाना प्रमुख कार्यों में शामिल है। इसके लिए सड़क की मजबूती और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जा रहा है।
हालांकि, सड़क सुधार के काम की कुल लागत, कितने किलोमीटर मार्ग को दुरुस्त किया जाएगा और परियोजना पूरी होने की समयसीमा जैसी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
आर्मी डे परेड भोपाल के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन होगा। इसके लिए सैन्य वाहनों के अनुकूल सड़कें तैयार करने के साथ भेल क्षेत्र की जर्जर सड़कों में सुधार की उम्मीद भी बढ़ी है। अब देखना होगा कि परेड से पहले सड़क सुधार के कार्य कितनी तेजी से पूरे होते हैं और स्थानीय लोगों को इसका कितना लाभ मिलता है।