प्रयागराज में AQI 158 पहुंचा, हवा की गुणवत्ता खराब; दिन में तेज धूप, रात को बढ़ेगी ठंडक
प्रयागराज में मौसम में बदलाव के साथ दिन और रात के तापमान में अंतर महसूस होने लगा है। दिन में तेज धूप निकलने से गर्मी का असर बना हुआ है, जबकि रात के समय ठंडक बढ़ने की संभावना है। मौसम के इस बदलते मिजाज के बीच शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 158 दर्ज किया गया है। इससे हवा की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मौसम के पूर्वानुमान के मुताबिक, दिन में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। तेज धूप के कारण दोपहर में गर्मी महसूस होगी, वहीं शाम ढलने के बाद तापमान में गिरावट से मौसम अपेक्षाकृत ठंडा हो सकता है।
AQI 158 होने से बढ़ी प्रदूषण की चिंता
प्रयागराज में AQI 158 दर्ज किया गया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक के इस स्तर को सामान्य से खराब स्थिति माना जाता है। ऐसी हवा का असर विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों पर पड़ सकता है।
प्रदूषण के संपर्क में आने से कुछ लोगों को खांसी, गले में खराश, आंखों में जलन या सांस लेने में परेशानी महसूस हो सकती है। हालांकि, AQI का स्तर समय और स्थान के अनुसार बदलता रहता है। इसलिए लोगों को स्थानीय वायु गुणवत्ता संबंधी ताजा अपडेट पर भी नजर रखनी चाहिए।
दिन में 32 डिग्री तक पहुंचेगा तापमान
दिन में तेज धूप निकलने के कारण अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। दोपहर के समय धूप का असर अधिक महसूस हो सकता है। वहीं, रात में तापमान कम होने से मौसम में ठंडक बढ़ने की संभावना है।
दिन और रात के तापमान में अंतर रहने के कारण लोगों को कपड़ों और दिनचर्या का ध्यान रखने की जरूरत है। सुबह और रात के समय हल्के गर्म कपड़े उपयोगी हो सकते हैं, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।
मौसम और प्रदूषण से बचाव के लिए सावधानी जरूरी
डॉक्टरों की सामान्य सलाह के अनुसार, बदलते मौसम में पर्याप्त पानी पीना, संतुलित भोजन करना और नींद पूरी लेना जरूरी है। प्रदूषण के प्रति संवेदनशील लोगों को खराब वायु गुणवत्ता के दौरान लंबे समय तक बाहर रहने और अधिक मेहनत वाली गतिविधियों से बचना चाहिए।
यदि बाहर निकलने पर सांस लेने में परेशानी, सीने में जकड़न या लगातार खांसी जैसी समस्या हो, तो चिकित्सकीय सलाह लें।
फिलहाल प्रयागराज में दिन के समय तेज धूप और रात में बढ़ती ठंडक के बीच हवा की गुणवत्ता पर भी ध्यान देना जरूरी है। लोगों को मौसम के साथ प्रदूषण के स्तर को देखते हुए सावधानी बरतनी चाहिए।