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नवरात्र पंडालों में बिजली चोरी रोकने की अपील: अस्थायी कनेक्शन लेकर करें मां दुर्गा की आराधना, हादसों का खतरा भी होगा कम

 

नवरात्र के दौरान मां दुर्गा की आराधना के लिए जगह-जगह पंडाल सजाए जाते हैं। इन पंडालों में रोशनी, सजावट, लाउडस्पीकर और अन्य विद्युत उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में बिजली की सुरक्षित व्यवस्था करना बेहद जरूरी है। इसी को लेकर ऊर्जा मंत्री ने नवरात्र पंडालों के आयोजकों से बिजली चोरी से बचने और विधिवत अस्थायी बिजली कनेक्शन लेने की अपील की है।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान बिजली का इस्तेमाल नियमों के अनुसार किया जाना चाहिए। बिजली के तारों से अवैध कनेक्शन लेने या बिना सुरक्षा व्यवस्था के विद्युत उपकरण चलाने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए आयोजकों को पूजा पंडालों में बिजली की व्यवस्था जिम्मेदारी से करनी चाहिए।

अस्थायी बिजली कनेक्शन लेकर करें आयोजन

नवरात्र के दौरान कई पंडालों में कुछ दिनों के लिए ही बिजली की जरूरत होती है। ऐसे आयोजनों के लिए संबंधित बिजली वितरण कंपनी से अस्थायी कनेक्शन लिया जा सकता है। इससे बिजली के उपयोग का रिकॉर्ड रहता है और निर्धारित नियमों के अनुसार आपूर्ति की व्यवस्था की जा सकती है।

आयोजकों को पंडाल की जरूरत के हिसाब से बिजली लोड का आकलन कराना चाहिए। जरूरत से ज्यादा उपकरण एक साथ चलाने से तारों और अन्य विद्युत उपकरणों पर दबाव बढ़ सकता है। अस्थायी कनेक्शन लेने के लिए संबंधित बिजली कंपनी की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी पहले ही प्राप्त कर लेनी चाहिए।

बिजली चोरी से दुर्घटना का खतरा

बिजली के खंभों, मुख्य लाइनों या आसपास की दूसरी जगहों से सीधे तार जोड़कर बिजली लेना खतरनाक हो सकता है। खुले तार, ढीले जोड़ और खराब गुणवत्ता वाले उपकरण शॉर्ट सर्किट या करंट लगने जैसी घटनाओं का कारण बन सकते हैं।

पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में बिजली से जुड़ी छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का रूप ले सकती है। खासकर सजावट के लिए इस्तेमाल होने वाली लाइटों, एक्सटेंशन बोर्ड और अस्थायी तारों की नियमित जांच जरूरी है।

पंडालों में सुरक्षा के लिए अपनाएं ये उपाय

आयोजकों को बिजली से जुड़े सभी काम प्रशिक्षित इलेक्ट्रिशियन से कराने चाहिए। तारों को खुले रास्तों से दूर रखना चाहिए और उन्हें पानी या नमी के संपर्क में आने से बचाना चाहिए। बिजली के उपकरणों को ओवरलोड नहीं करना चाहिए तथा खराब तारों और खुले कनेक्शन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

इसके अलावा, पंडाल में बिजली आपूर्ति बंद करने के लिए मुख्य स्विच की व्यवस्था होनी चाहिए। किसी भी विद्युत समस्या के सामने आने पर तुरंत आपूर्ति बंद कर विशेषज्ञ की मदद लेनी चाहिए।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे जरूरी

नवरात्र आस्था और भक्ति का पर्व है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं। ऐसे में आयोजकों की जिम्मेदारी है कि वे धार्मिक आयोजन के साथ सुरक्षा नियमों का भी पालन करें।

ऊर्जा मंत्री की अपील का उद्देश्य बिजली चोरी रोकने के साथ विद्युत दुर्घटनाओं की आशंका कम करना है। विधिवत अस्थायी कनेक्शन और सुरक्षित वायरिंग से पंडालों में बिजली का इस्तेमाल बेहतर तरीके से किया जा सकता है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आयोजकों और संबंधित विभागों को मिलकर सतर्कता बरतनी चाहिए।