SIR विवाद के बीच नरोत्तम मिश्रा का राहुल गांधी पर निशाना, बोले- वोट चोरी नहीं हो रही, जनता ने चोरों को वोट देना बंद किया
मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री और भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा ने SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है। रविवार को शिवपुरी में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे नरोत्तम मिश्रा ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि देश में वोट चोरी नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि जनता जागरूक हो चुकी है और उसने कथित तौर पर "चोरों को वोट देना बंद कर दिया है।"
नरोत्तम मिश्रा का यह बयान ऐसे समय आया है, जब SIR और चुनावी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी जारी है। राहुल गांधी की ओर से चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए गए हैं। इसके जवाब में भाजपा नेता लगातार इन आरोपों को खारिज कर रहे हैं।
राहुल गांधी पर साधा निशाना
शिवपुरी में आयोजित ब्राह्मण समाज के प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम के बाद नरोत्तम मिश्रा ने राहुल गांधी के EVM और SIR से जुड़े बयानों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को यह समझना चाहिए कि मतदाता जागरूक है और चुनाव में जनता अपने विवेक से फैसला करती है।
मिश्रा ने राहुल गांधी से अपने आरोपों को लेकर देश की जनता से माफी मांगने की मांग भी की। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों को लेकर कांग्रेस नेता पर निशाना साधा।
EVM और SIR को लेकर क्या बोले?
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पहले EVM को लेकर सवाल उठाए जाते थे और अब SIR को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव में वोट चोरी नहीं हो रही है। उनके मुताबिक, चुनाव परिणामों को लेकर अलग-अलग संस्थाओं या प्रक्रियाओं पर सवाल उठाने के बजाय जनता के फैसले को स्वीकार किया जाना चाहिए।
उन्होंने राहुल गांधी के चुनावी प्रदर्शन को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस को कई चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है। मिश्रा ने आरोप लगाया कि अपनी राजनीतिक साख बचाने के लिए अलग-अलग मुद्दे उठाए जा रहे हैं।
SIR को लेकर जारी है सियासी बहस
SIR को लेकर देश की राजनीति में लगातार बयानबाजी देखने को मिल रही है। कांग्रेस की ओर से मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि भाजपा नेता इन आरोपों को खारिज कर रहे हैं। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच सार्वजनिक बहस जारी है।
नरोत्तम मिश्रा का ताजा बयान भी इसी राजनीतिक विवाद का हिस्सा है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि चुनाव में जनता का फैसला सबसे महत्वपूर्ण होता है और मतदाताओं के निर्णय को स्वीकार किया जाना चाहिए।