सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन की शाही मस्जिद पर विवाद, सड़क चौड़ीकरण के विरोध में जुटे लोग; ओवैसी ने किया समर्थन
मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण को लेकर शाही मस्जिद का मामला गरमा गया है। सड़क चौड़ीकरण की प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में शनिवार रात से बड़ी संख्या में लोग मस्जिद के अंदर और बाहर जुटे रहे। रविवार को भी विरोध जारी रहा। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल और आरएएफ की तैनाती की।
मामला गोपाल मंदिर रोड के चौड़ीकरण से जुड़ा है। प्रशासन के अनुसार सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है। ऐसे में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और भीड़ का दबाव कम करने के लिए सड़क को चौड़ा किया जा रहा है। इस सड़क के चौड़ीकरण की जद में शाही मस्जिद का कुछ हिस्सा आने की बात सामने आई है।
मस्जिद के बाहर जुटे लोग
प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में लोग शाही मस्जिद के बाहर जमा हुए। रिपोर्टों के मुताबिक, लोगों ने नारेबाजी की और मस्जिद के हिस्से को हटाने की कार्रवाई का विरोध किया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया। रिपोर्टों में 600 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती का भी उल्लेख है।
मस्जिद के इमाम मोहम्मद इब्राहिम का कहना है कि धार्मिक स्थल को हटाए बिना सड़क चौड़ीकरण किया जाना चाहिए। उन्होंने मस्जिद को करीब 636 साल पुराना बताते हुए कहा कि समाज सड़क चौड़ीकरण में सहयोग करने के लिए तैयार है, लेकिन धार्मिक स्थल को बचाया जाना चाहिए। यह मस्जिद वर्ष 1390 में बनी होने का दावा भी किया गया है।
ओवैसी ने प्रदर्शन को बताया गांधीवादी
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रदर्शन कर रहे लोगों के समर्थन में बयान दिया। उन्होंने विरोध को गांधीवादी और शांतिपूर्ण बताया तथा सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए। ओवैसी ने शाही मस्जिद के मामले को वक्फ कानून से जुड़े अपने पुराने आरोपों से भी जोड़ा। उनके ये बयान उनके राजनीतिक रुख के तौर पर देखे जा रहे हैं।
हाईकोर्ट में भी पहुंच चुका है मामला
शाही मस्जिद से जुड़ा विवाद पहले ही मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ तक पहुंच चुका है। 9 सितंबर को एकलपीठ ने सड़क चौड़ीकरण के खिलाफ दायर याचिकाएं खारिज कर दी थीं और नगर निगम को प्रस्तावित कार्रवाई आगे बढ़ाने की अनुमति मिली थी। इसके बाद मुस्लिम पक्ष की ओर से इस फैसले के खिलाफ युगलपीठ में अपील की गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इस अपील पर आगे सुनवाई होनी है।
फिलहाल शाही मस्जिद के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण और धार्मिक स्थल को लेकर सामने आए इस विवाद पर अब अगली कानूनी सुनवाई और प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर रहेगी।