×

नागद्वारी यात्रा में एंबुलेंस को घेरा, 31 श्रद्धालु जबरन बैठे: दवाइयां और स्ट्रेचर बाहर फेंके; गाड़ियों की कमी से अव्यवस्था

 

मध्यप्रदेश की प्रसिद्ध नागद्वारी यात्रा के दौरान अव्यवस्था का एक मामला सामने आया है। यात्रा मार्ग पर कुछ श्रद्धालुओं ने कथित तौर पर एक एंबुलेंस को घेर लिया और उसमें जबरन बैठ गए। आरोप है कि करीब 31 श्रद्धालुओं ने एंबुलेंस में जगह बना ली, जबकि उसमें रखी जरूरी दवाइयां और स्ट्रेचर बाहर निकाल दिए गए। इस दौरान एंबुलेंस चालक और स्टाफ को धमकाने की बात भी सामने आई है।

घटना के बाद यात्रा व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि यात्रा में वाहनों की कमी के कारण श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते ऐसी स्थिति बनी।

एंबुलेंस को बनाया यात्रा का साधन

जानकारी के अनुसार, नागद्वारी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। यात्रा मार्ग पर वाहनों की कमी के चलते कुछ श्रद्धालुओं ने एंबुलेंस को ही रोक लिया।

आरोप है कि श्रद्धालुओं ने एंबुलेंस को घेरकर उसमें बैठना शुरू कर दिया। एंबुलेंस में मरीजों के लिए रखे गए सामान और जरूरी सामग्री को भी बाहर निकाल दिया गया।

दवाइयां और स्ट्रेचर बाहर फेंकने का आरोप

मामले में आरोप लगाया गया है कि एंबुलेंस में मौजूद दवाइयां और स्ट्रेचर बाहर फेंक दिए गए। एंबुलेंस का इस्तेमाल आपातकालीन सेवाओं के लिए किया जाता है, ऐसे में इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

एंबुलेंस चालक और स्टाफ ने विरोध किया, लेकिन आरोप है कि उन्हें धमकाया गया। इसके बाद मामले की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाई गई।

यात्रा में गाड़ियों की कमी से बढ़ी परेशानी

नागद्वारी यात्रा में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। भीड़ बढ़ने के कारण परिवहन व्यवस्था पर दबाव बढ़ जाता है। इस बार भी श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने से वाहनों की कमी महसूस की जा रही है।

गाड़ियों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण कई श्रद्धालुओं को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इसी परेशानी के चलते कुछ लोगों ने एंबुलेंस का गलत इस्तेमाल किया।

प्रशासन के सामने चुनौती

घटना के बाद प्रशासन के सामने यात्रा व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने की चुनौती है। अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं को सुरक्षित रखने पर भी ध्यान देना होगा।

एंबुलेंस जैसी जरूरी सेवा में किसी तरह की बाधा से गंभीर परिस्थितियों में मरीजों को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्ती बरतने की जरूरत है।

फिलहाल नागद्वारी यात्रा में एंबुलेंस के साथ हुई इस घटना ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़, वाहनों की कमी और अव्यवस्थाओं के बीच आपातकालीन सेवाओं की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बनकर सामने आई है।