अदालतों में अब मुकदमों के साथ सेहत की भी जांच, प्रदेश की हर कोर्ट में लगेगी ओपीडी
प्रदेश की अदालतों में अब न्यायिक कार्यों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को भी जोड़ा जाएगा। हाईकोर्ट ने कोर्ट परिसरों में हेल्थ कैंप आयोजित करने के लिए एक विशेष फ्रेमवर्क तैयार किया है। इसके तहत प्रदेश की हर अदालत में ओपीडी लगाए जाने की योजना है। इस पहल का उद्देश्य न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और कोर्ट आने वाले लोगों को जरूरत के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
हाईकोर्ट की ओर से तैयार किए गए हेल्थ कैंप के फ्रेमवर्क के अनुसार अलग-अलग अदालत परिसरों में स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ जरूरी चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। ओपीडी के माध्यम से लोगों को शुरुआती स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जानकारी मिल सकेगी।
कोर्ट परिसरों में मिलेगी स्वास्थ्य सुविधा
अदालतों में रोजाना बड़ी संख्या में न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी, अधिवक्ता और पक्षकार पहुंचते हैं। कई मामलों में लोगों को लंबे समय तक कोर्ट परिसर में रहना पड़ता है। ऐसे में कोर्ट परिसर में ही स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराने से जरूरतमंद लोगों को राहत मिल सकेगी।
हेल्थ कैंप के दौरान चिकित्सकों की टीम सामान्य स्वास्थ्य जांच करेगी। जरूरत पड़ने पर मरीजों को आगे की जांच या उपचार के लिए संबंधित स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल जाने की सलाह भी दी जा सकती है। इससे लोगों को समय रहते स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान करने में मदद मिलेगी।
हर कोर्ट में ओपीडी की तैयारी
हाईकोर्ट के फ्रेमवर्क के तहत प्रदेश की सभी अदालतों तक इस सुविधा को पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। इसका उद्देश्य केवल बड़े शहरों या प्रमुख न्यायालयों तक स्वास्थ्य सुविधा सीमित रखना नहीं, बल्कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में स्थित कोर्ट परिसरों में भी ओपीडी की व्यवस्था करना है।
इस पहल से न्यायिक व्यवस्था से जुड़े लोगों को कोर्ट परिसर में ही बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। विशेष रूप से लंबे समय तक अदालत में रहने वाले अधिवक्ताओं और कर्मचारियों के लिए यह सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है।
स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर
कोर्ट परिसरों में हेल्थ कैंप और ओपीडी शुरू होने से नियमित स्वास्थ्य जांच को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। कई बार लोग छोटी स्वास्थ्य समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं और बाद में यही परेशानी गंभीर रूप ले सकती है। ऐसे में शुरुआती जांच और चिकित्सकीय सलाह महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
हाईकोर्ट की यह पहल न्यायिक संस्थानों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब फ्रेमवर्क के अनुसार प्रदेश की अदालतों में ओपीडी और हेल्थ कैंप की व्यवस्था लागू होने के बाद कोर्ट आने वाले लोगों को न्यायिक सेवाओं के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा भी उपलब्ध हो सकेगी।